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सड़क, बिजली, पानी ...फिर दोहराई गई दुर्दशा की कहानी

Mon, 06 Apr 2015 05:58 PM IST
लखीमपुर खीरी।
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 जिले की सड़कें, बिजली और पानी दुर्दशाग्रस्त हैं। यह बात एक बार फिर जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में सामने आई। कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को सांसद अजय मिश्र टेनी, रेखा वर्मा और डीएम किंजल सिंह के सामने कई मुद्दे उठे। कहीं बजट की कमी तो कहीं अफसरों की लापरवाही भी झलकी। सीडीओ नितीश कुमार समेत जिला स्तरीय अधिकारी उस समय हलकान होते नजर आए, जब डीएम किंजल सिंह ने उनसे दो टूक सच-सच बताने को कहा। यह बात भी उजागर हुई कि गांवों में योजनाओं का संचालन सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। बैठक में राज्यसभा सांसद रविप्रकाश वर्मा और जुगुल किशोर नहीं पहुंचे, जबकि विधायकों में सिर्फ सपा विधायक उत्कर्ष वर्मा और बसपा विधायक शमशेर बहादुर मौजूद रहे।
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122 सड़कों में 68 पर नहीं शुरू हुआ काम
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत 60 करोड़ के बजट में जिले में 122 सड़कों पर काम होना है। सड़क निर्माण के लिए 500 की आबादी का मानक तय किया गया है। अधिशाषी अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि इनमें 37 सड़कें  बनाने का काम पूरा हो चुका है, जबकि 68 सड़कें अधूरी पड़ी हैं। इसके बाद 250 आबादी वाले गांवों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जोड़ा जाना है।

आर्सेनिक से बचाव के उपाय नहीं
जलनिगम के अधिशाषी अभियंता विनय पाल ने बैठक में बताया कि खीरी जिले में 1500 हैंडपंप रिबोर कराए जा चुके हैं, जबकि 16 गांवों में पेयजल की सप्लाई पहुंचा दी गई है। जबकि 73 गांवों में पेयजल की सप्लाई के लिए काम चल रहा है। बैठक में सांसद अजय मिश्रा टेनी ने आर्सेनिक से बचाव को लेकर प्रयास के बावत पूछा तो पता चला कि इसके लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
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100 घरों की आबादी वाले गांवों का सर्वे शुरू
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत जिले में 500 की आबादी वाले 3300 गांवों में बिजली सप्लाई पहुंचाई जानी थी, दावा है कि इनमें 1160 गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है। 1840 गांवों में काम चल रहा है। जबकि 300 की आबादी वाले गांवों में सर्वे का काम पूरा हो चुका है और 100 घरों की आबादी वाले गांवों का सर्वे चल रहा है।

शौचालयों के निर्माण में बजट का टोटा
निर्मल भारत अभियान के तहत गांवों में शौचालय बनाने के काम में बजट की कमी आड़े आ रही है। बताया गया कि इस योजना के तहत 25 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य है, लेकिन अभी तक मिले बजट में 11500 शौचालय ही बन पाए हैं। बजट के अभाव में अन्य शौचालयों का निर्माण लटका हुआ है। डीपीआरओ योगेंद्र कटियार ने सांसद से बजट स्वीकृत कराने की मांग रखी।

इन योजनाओं की प्रगति पर हुई चर्चा
-महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम
-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
-इंदिरा आवास योजना
-प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना
-समेकित वाटर शेड प्रबंधन कार्यक्रम
-राष्ट्रीय भू रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम
-निर्मल भारत अभियान
-राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम
-ग्रामीण विकास मंत्रालय का अन्य कोई कार्यक्रम
-राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना

घुमाएं नहीं हकीकत बताएं
-सदर विधायक प्रतिनिधि अशोक वर्मा ने कहा कि महेवागंज से बनवारीपुर, सेवकहा, बेड़नापुर होते हुए पीलीभीत-बस्ती मार्ग तक जाने वाले जर्जर मार्ग की शिकायत की तो पीडब्ल्यूडी के अधिकारी बताने लगे कि पांच साल  पहले सड़क का निर्माण किया गया था, लेकिन ठेकेदार मरम्मत नहीं करा रहा है। इस पर डीएम किंजल सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि घुमाएं नहीं, सही-सही बताएं और सड़क को जल्द दुरुस्त कराएं।
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