लखीमपुर खीरी। शहर में घरेलू गैस कनेक्शन और जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें और गलियां तो खोद दी गईं, लेकिन उनकी समुचित मरम्मत की जिम्मेदारी मानो दफन हो गई है।
नतीजा यह है कि बारिश के बीच शहर की कई गलियां कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। वाहन फंस रहे हैं, दोपहिया चालक फिसल रहे हैं, ई-रिक्शा पलटने की घटनाएं हो रही हैं और खोदाई के दौरान बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही पेयजल पाइप लाइनें लोगों की परेशानी और बढ़ा रही हैं।
शहर के कई मोहल्लों में पाइपलाइन डालने के बाद केवल मिट्टी डालकर रास्ते छोड़ दिए गए हैं। बारिश के कारण मिट्टी धंसने से गलियां ऊबड़-खाबड़ और कीचड़युक्त हो गई हैं। कई स्थानों पर पानी भरने से सड़कें नालों जैसी दिखाई दे रही हैं। ऐसे में पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और ई-रिक्शा चालकों को सबसे अधिक दिक्कत उठानी पड़ रही है।
गैस पाइपलाइन की खोदाई के दौरान नगर पालिका की पेयजल पाइप लाइनें भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इससे काशीनगर, शिव कॉलोनी, पटेल नगर, हिदायत नगर और महाराज नगर समेत कई मोहल्लों में कई-कई दिन तक पेयजल आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि पाइपलाइन टूटने के बाद उसकी मरम्मत में भी काफी समय लग जाता है, जिससे जल संकट और गहरा जाता है।
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पाइपलाइन डालने के बाद गली की सही तरीके से मरम्मत नहीं कराई गई। खोदाई के दौरान पानी की लाइन भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे कई दिनों तक पेयजल संकट बना रहता है।
-गोविंद गुप्ता, शिव कॉलोनी
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बारिश होते ही पूरी सड़क कीचड़ में बदल जाती है। टूटी और धंसी गलियों में पानी भर जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को निकलने में काफी दिक्कत होती है।
-रामनाथ दीक्षित, पटेल नगर
पटेलनगर में खोदकर छोड़ी गई सड़क। संवाद
पटेलनगर में खोदकर छोड़ी गई सड़क। संवाद
पटेलनगर में खोदकर छोड़ी गई सड़क। संवाद
पटेलनगर में खोदकर छोड़ी गई सड़क। संवाद