अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने देश में बढ़ती महंगाई और अन्य व्यापारिक समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है। इसके लिए मौजूदा सरकार जिम्मेदार है।
ज्ञापन में कहा गया है कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले और सरकार बनने के बाद देश में महंगाई कम करने, फुटकर विदेशी निवेश पर रोक लगाने का वादा किया था। हालत यह हैं कि महंगाई बढ़ती जा रही है। विशेषकर खाद्य पदार्थों की महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है। इसके लिए मौजूदा केंद्र सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है।
व्यापार मंडल उपाध्यक्ष सुरेश चंद गुप्ता और महामंत्री कृष्ण गोपाल शेखर ने कहा कि एक साल पहले पेट्रोल का मूल्य आज के मूल्य से तीन रुपया प्रति लीटर कम था। क्रूड ऑयल का अंतर्राष्ट्रीय प्रति बैरल मूल्य 110 डालर था जो मौजूदा समय में घटकर 65 डालर रह गया है। इस औसत से पेट्रोल का मूल्य कम किया जाना चाहिए।
नगर महामंत्री शरद गुप्ता ने कहा कि वायदा कारोबार देश के मध्यम वर्ग को बर्बाद कर रहा है और महंगाई बढ़ा रहा है। इस पर तत्काल रोक लगाई जाए। पूर्व सरकार ने दलहन आदि खाद्य पदार्थों के वायदा कारोबार पर रोक लगाई थी। अब यह रोक हटने से दलहन के दाम बढ़कर दूने हो गए हैं।
ज्ञापन में सेवाकर की बढ़ी दरें वापस लेने, ऑन लाइन ट्रेडिंग पर रोक लगाने, जीएसटी बिल लाने से पहले इससे प्रभावित वर्ग को जानकारी देने, रिटेल में एफडीआई पर सरकार की नीति स्पष्ट करने और एक लाख या उससे अधिक की खरीद पर पैन कार्ड की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की गई है।
ज्ञापन देने वाले लोगों में धर्मचंद्र जैन, सुरेश चंद्र गुप्त, कृष्ण गोपाल शेखर, केवल कृष्ण गुलाटी, शरद गुप्ता, जसपाल सिंह पाली, संजय अग्रवाल, रमेश चंद्र गुप्ता, चेतन शेखर, विनोद चोपड़ा, गजेंद्र जैन, आशीष अग्रवाल, पंकज मित्त्ल, अनंत पाल सिंह, दीपक धवन, सौरभ शुक्ला, अभिषेक पुष्कर आदि शामिल रहे।