पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी से वार्ता करते राइस मिलर्स। स्रोत : मिलर्स संघ
- फोटो : निजी हॉस्पीटल में मासूम की मौत के बाद परिजनों को समझाते थाना प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह। वीडियो ग्रैफ
लखीमपुर खीरी। राइस मिलों से एफसीआई तक चावल पहुंचे, इसमें फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इसको लेकर शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी से राइस मिलर्स ने मुलाकात की। साथ ही एफसीआई में बिना एफआरके के चावल लेने की मांग की गई। टेनी ने जल्द ही रसद एवं खाद मंत्री को समस्या से अवगत कराकर निदान कराने की बात कही है।
टेनी के कार्यालय पर पहुंचे राइस मिलर्स का कहना था कि धान खरीद को चालू हुए लगभग दो महीने का समय बीत चुका है। सरकारी केंद्रों से धान राइस मिलर को लगातार भेजा जा रहा है, लेकिन राइस मिलर्स धान से बनाए गए चावल को एफसीआई तक नहीं भिजवा पा रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी समस्या जो सामने आ रही है, वह है एफआरके की।
राइस मिलर्स रवि अग्रवाल ने बताया कि शासन की ओर से अभी तक पर्याप्त मात्रा में एफआरके नहीं मिला है, जबकि हर सौ किलो पर एक किलो एफआरके मिलाना होता है। वहीं, राइस मिलों पर रखा हुआ चावल खराब होने की स्थिति में पहुंच गया है। कई बार इस समस्या को लेकर अधिकारियों को भी अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक इसका निदान नहीं हो सका है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष हुकुम चंद्र अग्रवाल, बीएन शुक्ला, घनश्याम अग्रवाल, विनोद शुक्ला, हरिकिशोर व सुधीर अग्रवाल के साथ तमाम राइस मिलर्स मौजूद रहे।