सोनारीपुर रेंज स्थित गैंडा पुनर्वास इलाके में दो नर गैंडों के आपसी संघर्ष में 49 वर्षीय गैंडे (बांके) की मौत हो गई। खास यह कि बांके गैंडा पुनर्वास योजना का फाउंडर मेंबर था। वहां स्थित दर्जनों गैंडों में उसे विशेष स्थान प्राप्त था। यहां उसी का कुनबा सबसे बड़ा माना जाता है। रात में डिप्टी डायरेक्टर महावीर कौजलगि ने गैंडे के मरने की पुष्टि की।