निगरानी टीमों को जलविहार करता नजर आया आजाद हुआ गैंडा। स्रोत : वन विभाग।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में पुनर्वासन योजना के तहत खुले जंगल में छोड़े गए गैंडे अब अपने प्राकृतिक आवास में पूरी तरह ढलते नजर आ रहे हैं। चौथे दिन बृहस्पतिवार को एक मादा गैंडा जंगल के जलाशय में जलविहार करती दिखाई दी, जिसे देखकर निगरानी टीमों ने राहत की सांस ली।
दुधवा में दो चरणों में छोड़े गए तीन मादा और एक नर गैंडे एसडी सिंह मार्ग के जंगल क्षेत्र में स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं। निगरानी टीमों के अनुसार, सभी गैंडे सामान्य व्यवहार कर रहे हैं और उनके स्वभाव में कोई असामान्य बदलाव नहीं देखा गया है।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर) के परियोजना अधिकारी एवं गैंडा विशेषज्ञ रोहित रवी लगातार उनके व्यवहार का अध्ययन कर रहे हैं। टीमों के मुताबिक, गैंडे अपने प्राकृतिक वातावरण में सहज होकर घूम रहे हैं और मौज-मस्ती करते नजर आ रहे हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से गैंडों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इसके लिए उच्च वैज्ञानिक तकनीक के साथ राजकीय हाथियों की भी मदद ली जा रही है।
एफडी डॉ. एच. राजामोहन ने बताया कि कुल छह गैंडों को खुले जंगल में छोड़े जाने की योजना है। चार गैंडों को छोड़ने के बाद अब अप्रैल में शेष दो गैंडों को भी स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ा जाएगा। इसके बाद दुधवा में गैंडों की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी।