लखीमपुर खीरी। बरवर कस्बे के रोशननगर में खुले नाले में गिरकर दिव्यांग युवक संदीप की मौत ने एक बार फिर शहर के खुले नालों की ओर ध्यान खींचा है, लेकिन जिम्मेदार अफसरों की जिम्मेदारियां अब भी बंद नजर आ रही हैं।
शहर के कई प्रमुख मार्गों पर नाले बिना स्लैब और सुरक्षा इंतजाम के खुले पड़े हैं, जहां हर दिन हादसे का खतरा बना रहता है। डीसी रोड, नई बस्ती, मुक्तिधाम, आवास विकास, नहर पटरी और मेला रोड समेत कई स्थानों पर बड़े नाले बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुले पड़े हैं। इन मार्गों पर कई बार स्कूटी और बाइक सवार नालों में गिरकर घायल हो चुके हैं। पैदल राहगीर भी हादसों का शिकार हुए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इन रास्तों से रोजाना हजारों लोगों का आवागमन होता है।
नहर पटरी पर कई बार सवारियों से भरे ई-रिक्शा पलट चुके हैं। डीसी रोड पर भी स्कूटी और बाइक सवार नालों में गिर चुके हैं। कई स्थानों पर नालों पर स्लैब तक नहीं डाले गए हैं। हर वर्ष इन नालों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में शहर के कई खुले नाले लोगों की जान के लिए खतरा बने मिले।
मेला रोड से सेठघाट जाने वाले मार्ग पर पुलिया के पास गहरा नाला खुला है। यहां जरा-सी चूक होने पर बाइक सवार सीधे नाले में गिर सकता है। अस्पताल रोड से नई बस्ती जाने वाले मार्ग पर बड़े नाले पर स्लैब तो है, लेकिन पुलिया नहीं बनी है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा बना रहता है।
सौजन्या चौक से डीएम बंगले की ओर जाने वाले मार्ग पर भी बड़ा नाला पूरी तरह खुला पड़ा है। इस पर लोहे की जाली लगाई जा सकती है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कई बार लोग और जानवर नाले में गिर चुके हैं।
शहर स्थित नहर पटरी के दोनों और चलने वाले लोग अक्सर होते हैं दुर्घटना का शिकार। संवाद