संपूर्णानगर के रानीनगर मजरा का हाल।
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संपूर्णानगर। थाना क्षेत्र के रानीनगर गांव के मजरा में वर्षों पूर्व कटान के चलते पलायन कर अपनी जमा पूंजी से ग्रामीणों ने घर तो बना लिया है। लेकिन वह 15 वर्षों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 15 साल से अधिक हो गए, बगल की सड़क काफी ऊंची है और वह लोग झालानुमा घर बनाकर रह रहे हैं। रोड पर जहां खड़ंजा नहीं लगा है, वहीं बरसात के पानी का निकास न होने से जलभराव हो जाता है।
इसमें रहकर ग्रामीणों को काफी परेशानियां आती हैं। बस्ती में सड़क न होने के चलते जलभराव एवं कीचड़ की समस्या से जूझ रहे कटान पीड़ितों में शासन प्रशासन एवं नेताओं को लेकर काफी निराशा एवं आक्रोश है। उनका कहना है कि नेता वोट लेना हो तो आते हैं, जीतने के बाद वापस नहीं आते हैं और न ही हमारी समस्याओं का कोई समाधान करते हैं।
सुखलाल ने बताया कि पहले घर भरतपुर हजारा में था। दस वर्ष पहले घर व खेत कटने के बाद यहां आकर जमा पूंजी से आबादी खरीद घर बना लिया। लेकिन सड़क न बनने से हल्की बरसात में महीनों कीचड़ व जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। हमारी इस समस्या का कोई समाधान नहीं करा रहा है।
महिला अनीता देवी ने बताया कि जंगल किनारे गुजर बसर कर रहे थे। परिवार बढ़ा तो मेहनत मजदूरी कर रहने के लिए जगह खरीद ली, लेकिन सड़क पर खड़ंजा न होने से बारिश में जलभराव हो जाता है। इससे काफी समस्याएं आती हैं। घर के अंदर तक पानी घुसने लगता है। किसी भी नेता को हमारी समस्या नहीं दिखती है।
ग्रामीण झून्नूराम ने कहा कि आबादी खरीद कर घर का निर्माण कराया, सोचा कि विकास होगा तो रोड व नाली भी बनेगी। लेकिन रानीनगर के मजरे का कोई विकास नहीं हुआ। जलभराव व कीचड़ ही हमारे नसीब में लिखा रह गया है। इस बार जो सड़क बनवाने की बात कहेगा उसी को वोट देंगे।
पप्पू ने बताया कि दस साल से यहां पर रह रहे हैं, लेकिन न तो सड़क बनी है और न ही पानी के निकास की समस्या को दूर किया है। बरसात होने के बाद कीचड़ हो जाता है, जिसमें मच्छर भी काफी परेशान करते हैं और बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराता है। रोड व नाली बनवाने वाले को वोट देंगे।