निघासन। नायब तहसीलदार के न्यायालय में विचाराधीन एक पुराने राजस्व वाद की मूल पत्रावली गायब होने के मामले में जिलाधिकारी के आदेश पर पूर्व में तैनात एक लिपिक पर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला निघासन तहसील के न्यायालय नायब तहसीलदार में विचाराधीन वाद संख्या 1315/940 धारा 34 एलआर एक्ट (जैतूना बनाम बिन्द्रा), ग्राम सरपतहा परगना से संबंधित है। इस वाद की मूल पत्रावली वर्ष 2013 में उपजिलाधिकारी न्यायालय से डाकबही रजिस्टर के क्रम संख्या 208 पर नायब तहसीलदार न्यायालय को प्रेषित की गई थी। उस समय पत्रावली नायब तहसीलदार के न्यायालय में संबद्ध लिपिक गौस मोहम्मद ने 21 फरवरी 2013 को प्राप्त की थी।
आरोप है कि काफी समय बीत जाने के बाद भी गौस मोहम्मद ने मूल पत्रावली न्यायालय में वापस उपलब्ध नहीं कराई। इस संबंध में विभागीय जांच के बाद लिपिक गौस मोहम्मद के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध पाए गए हैं।
इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ में रिट याचिका संख्या 11190/2025 जैतूना बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य भी विचाराधीन है। जिलाधिकारी ने संबंधित कार्मिक गौस मोहम्मद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
मामले में कोतवाल महेशचंद्र ने बताया कि राजस्व निरीक्षक चेतराम की तहरीर पर मूल पत्रावली खो जाने के मामले में लिपिक गौस मोहम्मद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।