कम हुआ कोहरा, पहाड़ों पर बर्फवारी से गलन बढ़ी
दो दिन घना कोहरा छाया रहने के बाद मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे के बाद खिलकर धूप निकली। इससे पहले सुबह आसमान में कोहरे की धुंध छाई रही। सर्द हवाएं चलने से गलन भी थी लेकिन दोपहर में धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। बाजार में रौनक लौट आई और छुट्टी का दिन होने के कारण लोगों ने जमकर धूप का लुत्फ उठाया।
मंगलवार को सुबह हल्का कोहरा रहा, आसमान में छाई धुंध के कारण देर से सूरज निकला। दिन में 11 बजे धूप निकलने के बाद मौसम खुशनुमा हो गया लोगों को कड़ाके की सर्दी से निजात मिली। डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस का अवकाश होने के कारण सरकारी कर्मचारियों और स्कूली बच्चों ने गुनगुनी धूप का जमकर लुत्फ उठाया। सुबह सर्द हवाएं चलने से गलन रही।
पहाड़ों पर बर्फवारी शुरू होने का असर तराई में दिखने लगा है। ठंडी हवाएं चलने से गलन बढ़ती जा रही है। कोहरे के प्रकोप से जनजीवन अस्तव्यस्त हो रहा है। सर्दी का सबसे ज्यादा असर दैनिक मजदूरों, बीमारों और बुजुर्गों पर हो रहा है। बाढ़ और कटान पीड़ित खानाबदोशों की तरह नदी और तटबंध के किनारे डेरा डाले पड़े हैं। सिर पर स्थाई छत ने होने और सर्दी से बचाव का कोई साधन न होने के कारण उनके सामने दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं।
लोगों को कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाएं सक्रिय हो गई हैं। गायत्री परिवार समेत कई संगठनों ने पुराने कपड़े एकत्र कर जरूरतमंदों को वितरित करना शुरू कर दिया है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक ठंड से बचाव के कोई प्रयास शुरू नहीं हुए हैं।