लखीमपुर खीरी। जिले में न जाने कितने लोगों ने योग, प्रणायाम और ध्यान से पुरानी से पुरानी बीमारियों से छुटकारा पाया है। इसके बाद अब उन लोगों ने अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करते हुए अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करना शुरू कर दिया है।
कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने बड़े से बड़े डॉक्टरों को दिखाया और दवा में लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी लाभ नहीं मिला। योग से नियमित जुड़ने के बाद जटिल से उनकी जटिल बीमारियां तक छूमंतर हो गईं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से एक दिन पहले ऐसे ही कुछ लोगों से बातचीत की गई, जिन्होंने अपने अनुभव साझा किए।
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श्रवण शक्ति को बढ़ाया, पाइल्स से मिली राहत
शहर के अरविंद कुमार वर्मा दो साल पहले पाइल्स की समस्या से जूझ रहे थे। उनकी श्रवण शक्ति भी कमजोर थी। काफी इलाज कराया, पर लाभ नहीं हुआ। अरविंद ने बताया कि भारतीय योग संस्थान से जुड़े और नियमित आकाश मुद्रा, शून्य मुद्रा, भ्रामरी से उनकी श्रवण शक्ति बढ़ी। पाइल्स के लिए मूलबंध, अश्विनी मुद्रा आसन किया। अब इस बीमारी से उन्हें छुटकारा मिल गया। अब वे नियमित योग करते हैं।
चिंता और तनाव को दूर भगाया
नौरंगाबाद के नईम अंसारी दो साल से चिंता, तनाव आदि समस्या से ग्रसित थे। कई डॉक्टरों को उन्होंने दिखाया। इस दौरान जब तक दवाएं खाईं, तब तक आराम मिलता रहा। दवा छोड़ते ही उनका फिर से वैसा ही हाल हो गया। योग वेलनेस सेंटर के प्रशिक्षक कुलदीप के संपर्क में आए और नियमित योग, ध्यान, भ्रामरी आदि किया कर चिंता और तनाव से छुटकारा पाया।
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सर्वाइकल हो गया ठीक
त्रिपाठी कॉलोनी निवासी शिवराम वर्मा लंबे समय से सर्वाइकल की समस्या से जूझ रहे थे। विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। बाद में भारतीय योग संस्थान से जुड़े और ग्रीवा चालन, ताड़ासन, अर्ध चक्रासन आदि योगाभ्यास से सर्वाइकल से छुटकारा मिल गया। मौजूदा समय में योग चिकित्सक की भूमिका निभा रहे हैं। काफी लोगों की योग से बीमारियां ठीक करा चुके हैं।
अब मैं पूरी तरह स्वस्थ
भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय प्रधान नरेश चंद्र वर्मा सर्वाइकल सहित कई बीमारियों से ग्रसित थे। बड़े से बड़े डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन कोई खास लाभ नहीं हुआ। जब से योग से जुड़े सर्वाइकल के साथ सभी छोटी-बड़ी बीमारियां दूर हो गई हैं।
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नईम अंसारी
नईम अंसारी
नईम अंसारी