बढ़िया रहा चीनी परता, गन्ने की पैदावार भी हुई खूब
नौ मिलों ने 1,11,57,467 क्विंटल चीनी उत्पादन किया
1043.04 लाख क्विंटल हो चुकी गन्ने की पेराई
चीनी मिलों ने इस वर्ष 2016-17 रिकार्ड पेराई के साथ ही चीनी का अच्छा उत्पादन किया है। चीनी परता बढ़िया आना भी पिछले वर्षों के मुकाबले रिकार्ड उत्पादन होने की एक वजह माना जा रहा है। जबकि गन्ने की अच्छी पैदावार होने से मिलों ने पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक पेराई की है। इस वर्ष एक करोड़ 11 लाख 57 हजार 467 क्विंटल (22 अप्रैल तक) चीनी उत्पादन हो चुका है, जिसमें चार मिलें अभी पेराई कर रहीं हैं।
जिले की नौ में से पांच मिलें गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा और संपूर्णानगर बंद हो चुकी हैं। सभी ने पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अधिक गन्ने की पेराई की है। जबकि पलिया को छोड़कर अन्य मिलों का चीनी परता अच्छा रहा है। गोला का 11.37, पलिया का 9.60, खंभारखेड़ा का 11.18, ऐरा का 10.25, अजबापुर का 11.42, कुंभी का 11.98, गुलरिया का 11.76, बेलरायां का 9.28 और संपूर्णानगर का 9.22 फीसदी चीनी परता रहा है, जो पिछले वर्ष से अधिक है। अभी चार मिलों अजबापुर, कुंभी, गुलरिया और बेलरायां में पेराई चालू होने से आंकड़ों में और वृद्धि होना स्वाभाविक है।
उत्पादन (क्विंटल में) 2016-17 2015-16
गोला 20,65,646 14,35,515
पलिया 11,90,120 9,95,315
खंभारखेड़ा 13,30,351 10,92,801
ऐरा 9,33,345 6,44,080
अजबापुर 16,37,286 13,05,439
कुंभी 14,01,929 10,51,396
गुलरिया 14,18,930 10,38,084
बेलरायां 5,97,510 5,27,395
संपूर्णानगर 5,82,350 5,05,200
गन्ने की पैदावार अच्छी होने से मिलों को पर्याप्त मात्रा में पेराई का मौका मिला। वहीं, चीनी परता में सुधार होने से चीनी के उत्पादन में वृद्धि हुई है। अभी अप्रैल के आखिर तक कुछ मिलें पेराई करेंगी।
डॉ दुष्यंत कुमार, जिला गन्ना अधिकारी