कच्ची शराब के खिलाफ अब पुलिस का हथियार जनता बनेगी। भीरा और बिजुआ पुलिस कच्ची शराब के सौदागरों से निपटने के लिए गांव-गांव बैठक कर रही है। पुलिस ग्रामीणों को कच्ची शराब से होने वाले नुकसान और अपराधों के बढ़ते ग्राफ को समझा जा रही है।
शारदा नदी के भीतर बसा गांव रामपुर कच्ची शराब के व्यापार के लिए बदनाम है। इस गांव से कुछ दूर पर जंगल और नदी के किनारे अस्थाई रूप से शराब बनाने के लिए भट्ठिां हैं। यहां से प्रतिदिन सैकड़ों लीटर शराब पास के जिलों तक सप्लाई होती है। वहीं क्षेत्र केगांव कल्लूपुरवा में पुलिस कभी कच्ची के खिलाफ दबिश तक देने नही जाती है, पुलिस की माने तो रामपुर गांव तक पहुंचने के लिए पांच किलोमीटर नदी के दायरे को नाव और पैदल पार करना पड़ता है, इसी के चलते पुलिस इन तक समय से नही पहुंच पाती। ऐसे हालात में कच्ची के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए बिजुआ पुलिस अब गांव के लोगों को तैयार कर रही है। चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार शुक्ला ने गांव में लोगों के साथ बैठक की। श्री शुक्ला ने खासकर महिलाओं से अपील की कि वह गांव व मोहल्लों में अगर शराब बिकते देखें तो उसका विराध करें, साथ ही पुलिस को सूचित करें। इस दौरान गांव में एक घर के भीतर करीब 100 लीटर शराब बनाने वाला लहन नष्ट कराकर घर के लोगों से ताकीद की कि अगली बार अगर शराब बेचने की सूचना मिली, तो कार्रवाई तय हैं। इसी के साथ शनिवार को कल्लूपुरवा गांव में और सोमवार को चौकी इंचार्ज पकरिया सल्लिहा गांव में बैठक की, यहां पर सौ से ज्यादा ग्रामीणों की मौजूदगी में कच्ची शराब पर रोक लगाने के लिए सहयोग मांगा। इन गांवों में करीब 10 से ज्यादा लोगों की टीम बनाकर कच्ची शराब के कारोबार पर रोक की निगहबानी की तैयारी की है।