यहां तो 2011 की आर्थिक जनगणना के आधार पर कराए गए सर्वे की राशन सूची का प्रकाशन हुआ ही नहीं, जबकि इसका प्रकाशन करीब दो माह पहले हो जाना चाहिए था, जिससे जन सुविधा केंद्राें पर ऑनलाइन आवेदकों की भीड़ उमड़ रही है। इससे परेशान ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए सूची प्रकाशित करने की मांग की। सूचना पर पहुंची पूर्ति निरीक्षक श्रद्धा श्रीवास्तव ने लोगों को समझाबुझाकर शांत करने के बाद सूची प्रकाशित कराई।
ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही ब्लाक बांकेगंज की पूर्ति निरीक्षक श्रद्धा श्रीवास्तव पहुंची। जहां मौजूद ग्रामीण छोटेलाल, जयजय राम, अजरनाथ, रामदीन, आशिक अली, सियाराम, रामनरेश, रामस्वरूप आदि ने आरोप लगाया कि दो महीने पहले प्रकाशित राशन सूची के लिए पूछताछ करने वाले लोगों को संबंधित कर्मचारी उन्हें यह कह कर टरका देता है, कि उनका नाम सूची में नहीं है और ऑनलाइन आवेदन करने को कहता है, इससे लोगों में संशय बना हुआ है। इसका फायदा जनसुविधा केंद्र उठा रहे हैं। वह मनमाने पैसे लेकर आवेदन कर रहे हैं। इससे जन सुविधा केंद्रो और दलालों के बीच मारामारी मची है। सूचना पर पहुंची पूर्ति निरीक्षक श्रद्धा श्रीवास्तव ने ग्रामीणों को बताया कि वह संशय में न पड़ें। सूची में नाम शामिल होने पर फिर से आवेदन की जरूरत नहीं है। पंचायत मित्र के पास नि:शुल्क सर्वे फार्म उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें लाभार्थी को स्वयं भरकर पंचायत मित्र के पास जमा करने से आवेदन मान्य होगा।