लखीमपुर खीरी। स्वतंत्रता दिवस पर हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अभियोजन पक्ष के बयानों और दस्तावेजों में विरोधाभास सामने आने पर अदालत ने आरोपी विशु कनौजिया की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। विशेष न्यायाधीश नूरी अंसार ने मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना आदेश पारित किया।
पीड़िता ने 15 अगस्त को कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि मोहल्ला बेगमबाग, गढ़ी रोड निवासी उसके मित्र सिद्धार्थ ने उपहार देने के लिए उसे घर बुलाया था। वहां सिद्धार्थ के साथ मधुरेश मिश्र और विशु कनौजिया ने भी उससे दुष्कर्म किया। पीड़िता ने घर पहुंचकर अपने मामा को घटना की जानकारी दी।
मामले में पीड़िता की उम्र को लेकर विरोधाभास सामने आया। उसने पहले अपनी उम्र 19 वर्ष बताई थी, जबकि सीएमओ की रिपोर्ट में उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच बताई गई। वहीं, शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर उसकी उम्र 14 वर्ष बताई गई। मेडिकल रिपोर्ट में रक्तरंजित अवस्था की पुष्टि नहीं हुई। घटना के समय को लेकर भी विरोधाभास सामने आए।
आरोपी विशु कनौजिया के अधिवक्ता ने दलील दी कि मामले का शीघ्र विचारण होने की संभावना नहीं है और आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अदालत ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली।