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रानीपुर कॉलोनी गांव : रंग ला रही टीकाकरण अभियान की मेहनत

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संपूर्णानगर की रानीनगर कॉलोनी में बना राजकीय बालिका हाईस्कूल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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प्रधान खुद लगभग 250 लोगों को साथ ले जाकर लगवा चुकी हैं टीका
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कभी कोरोना के मामलों में अतिसंवेदनशील घोषित हो चुका था यह गांव

संपूर्णानगर। कभी कोरोना के मामलों में अतिसंवेदनशील घोषित हो चुके रानीपुर कॉलोनी गांव में टीकाकरण अभियान रंग ला रहा है। पीएचसी संपूर्णानगर से जुड़े इस गांव में 45 साल के ऊपर 1200 लोगों में 396 लोगों ने टीका लगवाया है। पलिया सीएचसी से लगभग 20 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित और करीब 3500 आबादी वाले इस गांव की प्रधान का कहना है कि वह 250 लोगों को टीकाकरण केंद्र पर ले जाकर खुद टीका लगवा चुकी हैं।
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रानीनगर की ग्राम प्रधान बादामी देवी, उनके पति रामदुलारे यादव द्वारा निगरानी समिति, एएनएम के साथ गांव में लोगों को जागरूक किया जा जा रहा है। प्रधान के मुताबिक, लगभग 250 लोगों को अस्पताल ले जाकर वह खुद ही वैक्सीन लगवा चुकी हैं। बता दें कि अति संवेदनशील गांव में आने के बाद एसडीएम डॉ. अमरेश कुमार ने ग्रामीणों को समझाते हुए यहां कंटेंमेंट जोन घोषित कर दिया था।

क्या कहते हैं लोग

टीकाकरण सबको कराना चाहिए। मैंने भी टीका लगवाया है। सबसे ज्यादा संक्रमित होने से गांव में सब डरे थे। टीकाकरण ही बचाव है। अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए। - रामनरेश, रानीनगर कॉलोनी

मेरी उम्र 68 वर्ष है। बुजुर्ग होने के कारण अस्पताल नहीं जा सकते थे। जब पता चला कि गांव में कैंप लगा है तो हमने वहां पहुंचकर टीकाकरण कराया। कोई समस्या नहीं हुई। लोग कह रहे थे बुखार आएगा, लेकिन हमें बुखार नहीं आया। मैं गांव के बच्चों से अपील करती हूं कि सभी लोग टीका लगवाएं। - सरस्वती देवी, रानीनगर

क्या कहती हैं ग्राम प्रधान

पंचायत में कोविड वैक्सीनेशन करवाने के लिए निगरानी समिति की टीम के साथ खुद घर-घर जाकर जागरूक कर रही हूं। लगभग 500 लोग टीका लगवा चुके हैं। 18 से ऊपर युवाओं के लिए टीका जब लगाया जाएगा तो उनको भी लगवाने के लिए जागरूक करेंगी। - बादामी देवी, ग्राम प्रधान रानीनगर कॉलोनी

रानीनगर कॉलोनी में सबसे ज्यादा संक्रमित मिले थे, जबकि यहां पर कई मौतें भी हुईं थीं। निगरानी समिति, स्वास्थ्य टीम द्वारा जागरूक किया गया, साथ ही मौतें होने से ग्रामीण खुद टीकाकरण की तरफ आकर्षित होने लगे, जिसके कारण यहां लोगों में टीकाकरण को लेकर जागरूकता आई है। - डॉ. एचएन वरुण, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलिया

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