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Lakhimpur Kheri News: वचन की मर्यादा राम ने निभाई, पिता का हृदय विरह में टूट गया

Sun, 18 Oct 2026 11:03 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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गोला की रामलीला में श्री राम भरत मिलन का मंचन करते कलाकार। संवाद
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गोला गोकर्णनाथ। पिता के वचन की मर्यादा निभाने के लिए भगवान श्रीराम राजमहल छोड़कर वन चले गए, लेकिन पुत्र वियोग राजा दशरथ सह नहीं सके।
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137वें श्रीरामलीला महोत्सव के आठवें दिन रविवार शाम मिश्रिख से आए कलाकारों ने राम वनगमन और दशरथ मरण की लीला का सजीव मंचन किया। दिखाया गया कि श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वन जाने के बाद राजा दशरथ पुत्र वियोग में व्याकुल हो उठते हैं। उन्हें श्रवण कुमार के वध की घटना याद आती है। श्रवण के अंधे माता-पिता ने पुत्र वियोग में मरने का श्राप दिया था। राम-राम का जाप करते हुए राजा दशरथ प्राण त्याग देते हैं।
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इसके बाद श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के चित्रकूट में निवास करने तथा ननिहाल से भरत और शत्रुघ्न के अयोध्या लौटने का मंचन हुआ। माता कैकेयी से भरत ने क्रोध व्यक्त किया। इस मौके पर समिति अध्यक्ष जनार्दन गिरि, महामंत्री एवं पूर्व सभासद पंकज गुप्ता, कृष्णा बाजपेई, शोभित सिंह, सुरेश ठाकुर, रामासरे अवस्थी और रामगुलाम पांडे आदि मौजूद रहे।
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