लखीमपुर खीरी। रक्षाबंधन पर शुक्रवार को भाई की कलाई पर राखी बांधने निकली बहनों को मुफ्त सफर की सुविधा तो मिली, लेकिन बसों में सीट के लिए उन्हें मशक्कत करनी पड़ी। रोडवेज बस अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ रही। रेलवे स्टेशनों पर इसके मुकाबले ज्यादा भीड़ नहीं रही।
शहर के बस स्टेशन से एलआरपी और राजापुर चौराहे तक यात्रियों की भीड़ नजर आई। बसों में सवार होने और सीट पाने के लिए महिलाओं को धक्कामुक्की तक झेलनी पड़ी। रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था थी। उनके साथ एक पुरुष यात्री को भी मुफ्त सफर की सुविधा दी गई। इसका लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में यात्री बस अड्डों पर पहुंचे।
रोडवेज ने भीड़ को देखते हुए बसों की संख्या बढ़ाई थी। इसके बावजूद कई रूटों पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। पीलीभीत, शाहजहांपुर और बरेली जाने वाले यात्रियों की भीड़ सबसे अधिक रही।
इतनी है बसों की संख्या
लखीमपुर डिपो
निगम की बसें - 15
अनुबंधित - 85
गोला डिपो
निगम की बसें - 120
अनुबंधित - 35
लखीमपुर डिपो में कुल 9868 ने लिया योजना का लाभ
लखीमपुर डिपो की एआरएम गीता सिंह ने बताया कि रोडवेज की टीमें बस स्टेशन से एलआरपी और राजापुर तक लगी रहीं। महिला यात्रियों को बसों में बैठाया गया। भीड़ अधिक होने के कारण बसों के फेरे भी बढ़ाए गए, ताकि बहनों को आने-जाने में दिक्कत न हो। उन्होंने बताया कि निशुल्क यात्रा करने वाली महिलाओं की संख्या 6941 और सहवर्ती की 2927 रही। कुल 9868 लोगों ने निशुल्क यात्रा की। गोला डिपो के एआरएम महेश चंद्र कमल ने बताया कि रक्षाबंधन पर 24 घंटे में 10999 महिलाओं और 4714 सहवर्ती सहित कुल 15713 लोगों ने निशुल्क यात्रा की।
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मैं करीब दो घंटे से बस स्टेशन पर खड़ा हूं। मुफ्त सफर की सुविधा तो अच्छी है, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा है कि बसें कम पड़ रही हैं। काफी देर इंतजार के बाद भी बस नहीं मिल पा रही है।
-आकाश, लखीमपुर
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मुझे सीतापुर जाना है और करीब एक घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ है, लेकिन बसों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। त्योहार पर यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।
-शंभुदयाल, शारदानगर
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मैं गांव से लखीमपुर आई हूं और यहां से लखनऊ जाना है। करीब एक घंटे से बस का इंतजार कर रही हूं। साथ में बच्चे भी हैं, लेकिन भीड़ के कारण बस में जगह मिलना मुश्किल हो रहा है।
-निधि गुप्ता, रमुआपुर सत्ती गांव
मुझे अपनी ससुराल पीलीभीत जाना है। करीब दो घंटे से बस के लिए खड़ी हूं, लेकिन बस नहीं मिल पा रही है। मुफ्त सफर की खुशी है, मगर भीड़ और बसों की कमी ने परेशानी बढ़ा दी है।
-सुशीला देवी, महेवागंज
बस स्टेशन पर लगी महिलाओं की भीड़। संवाद
बस स्टेशन पर लगी महिलाओं की भीड़। संवाद
बस स्टेशन पर लगी महिलाओं की भीड़। संवाद
बस स्टेशन पर लगी महिलाओं की भीड़। संवाद
बस स्टेशन पर लगी महिलाओं की भीड़। संवाद