फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'बंटोगे तो कुटोगे': लखीमपुर खीरी में गरजे राकेश टिकैत, किसानों से बोले- हमें फिर एकजुट होना पड़ेगा

Wed, 27 Nov 2024 05:06 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

Lakhimpur Kheri News: भाकियू नेता राकेश टिकैत ने किसानों से फिर एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी आवाज को बुलंद करना पड़ेगा। सरकार आपको लड़ाने का काम करेगी, उससे बचना है। 
विज्ञापन
महापंचायत के मंच पर किसान नेता राकेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी में किसान महापंचायत में भाकियू नेता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले दिक्कतें आती थीं तो उनका समाधान भी होता था। आज दिक्कतें हैं, लेकिन समाधान नहीं है। सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले को देशद्रोही, खलिस्तानी और पाकिस्तानी कहा जा रहा है। किसान नेता ने खाद संकट समेत बिजली के निजीकरण का मुद्दा भी महापंचायत में उठाते हुए सरकार को घेरा।  

विज्ञापन


UP News: 'संभल में पुलिस की गोली से मारे गए युवक', मौलाना तौकीर रजा ने लगाया बड़ा आरोप
 
राकेश टिकैत ने कहा कि देश को बेचने की बड़ी तैयारी चल रही है। साप्ताहिक बाजार भी बंद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के दबाव में विपक्षी दल भी काम कर रहे हैं। विपक्ष वाले भी कुछ नहीं कर रहे। जब तक विपक्ष लाठी नहीं उठाया कुछ नहीं होने वाला। बिजली प्राइवेट हो रही है। आगरा में बिजली प्राइवेट सेक्टर के हाथ में हैं। वे अपने सिस्टम से बिल बना रहे हैं। वहां एक-एक किसान पर 20-20 लाख रुपये बकाया चल रहा है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

संभल हिंसा पर दिया ये बयान 
किसान नेता ने कहा कि आंदोलन करने वाले लोग बोल न पाएं, इसलिए धमकाने का काम हो रहा है। फिर इकट्ठा होना पड़ेगा। आवाज को बुलंद करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आपको सरकार लड़ाने का काम करेगी, उससे बचना है। जैसे संभल में हिंसा हुई है। कोर्ट के आदेश पर जांच कमेटी गई। पहले बार में कुछ हुआ नहीं। दोबारा नारेबाजी हुई। इसका मकसद तो बवाल करना है। लोगों का ध्यान बंटे और वह सत्ता पर काबिज रहें। 

पुल हादसा: गूगल मैप पर अब नहीं दिखेगा 'मौत का रास्ता', बदायूं की डीएम ने शासन को भेजी रिपोर्ट

राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार की साजिश है कि किसान इकट्ठे न हों। अलग-अलग हिस्सों में बंटे जाएं। उन्होंने बंटोगे तो कटोगे के जवाब में कहा कि हमने भी नारा दिया कि बंटोगे को कुटोगे। किसान संयुक्त मोर्चा बना हुआ है। जो भी किसान संगठन बने हुए हैं, वो मोर्चे से जुड़ें। बता दें कि मोहम्मदी के नवीन गल्ला मंडी परिसर में किसानों की महापंचायत हुई। इसमें खाद संकट को जोर-शोर से उठाया गया। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें