तेज आंधी के साथ शुक्रवार देर शाम हुई मूसलाधार बरसात ने शहर में जमकर कहर ढाया। करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से कई जगह पेड़ गिर गए। इनकी चपेट में आकर बिजली के तार टूट गए और खोखे क्षतिग्रस्त हो गए। कई घरों में पुरानी दीवारें ध्वस्त हो गईं। लखीमपुर-सीतापुर रोड पर ओयल नहर के पास विशाल पेड़ गिर जाने से करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा। रात में हुई बरसात के बाद शहर को सुबह तक भीषण जलभराव का सामना करना पड़ा।
शनिवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर में करीब आधा घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे पहले शुक्रवार को दिन भर मौसम साफ रहने के बाद शाम को अचानक आसमान में बादल घिर आए। देर शाम तेज आंधी के साथ बरसात शुरू हुई तो करीब एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। इसके बाद रात भर रुक-रुक कर बरसात जारी रही। सुबह बादल तो छाए रहे लेकिन बरसात दोपहर बाद हुई।
तेज हवाओं के साथ बरसात होने से बेसिक शिक्षा कार्यालय के सामने लगा नीम का एक पुराना पेड़ जड़ से उखड़ गया। यह पेड़ एक बिजली पोल पर गिरा, इससे बिजली का पोल और तार टूट गए। यही नहीं पेड़ के नीचे रखे लकड़ी के कई खोखे ध्वस्त हो गए। इससे दुकानदारों को काफी नुकसान हुआ है। शहर में कई जगह पुरानी दीवारें गिर गई तो ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह छप्पर और टिन शेड आदि उड़ कर दूर जा गिरे।
लखीमपुर-सीतापुर रोड पर ओयल के पास आम का एक विशाल पेड़ रास्ते पर गिर गया। इससे करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। काफी मशक्कत के बाद डालें काट कर रास्ता साफ किया गया, तब जाकर आवागमन बहाल हो सका। आंधी पानी से ध्वस्त हुई बिजली व्यवस्था कई घंटे बाद बहाल हो सकी।
बेहजम कस्बे में हुआ भीषण जलभराव
बेहजम। कस्बे में पानी के निकास का इंतजाम न होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जबरदस्त जलभराव हो गया है। इससे मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जो नालियां बनीं है वह सफाई के अभाव मे चोक पड़ी हैं। इससे घरों के साथ दुकानों में कई फुट पानी भर गया है। कस्बे के लोग कई बार नाला निर्माण की मांग प्रशासन व क्षेत्रीय सासंद रेखा वर्मा से कर चुके हैं लेकिन कस्बे की समस्या जस की तस है लोगों को घरों का पानी बालटियों से उलचना पड़ रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने बीडीओ से शिकायत ऱ्की है कि कस्बे में सफाईकर्मी नहीं आते इससे कस्बे की नालियां कूड़े से अटी पड़ी हैं।