सिर, पूंछ और शरीर के ऊपरी हिस्से में मिले जख्म और पड़े थे कीड़े, शारीरिक स्थिति थी कमजोर
रविवार को बाघिन ने इसी गांव में एक व्यक्ति को किया था जख्मी, रात में किया था बकरी का शिकार
दुधवा नेशनल पार्क के दुधवा रेंज के अंतर्गत आने वाले थारू क्षेत्र के गांव मसानखंभ में एक ग्रामीण के घर के पास मवेशी बांधने वाली घारी में एक बाघिन का शव पड़ा मिला। बाघिन उम्रदराज बताई जा रही है और उसके सिर, पूंछ समेत शरीर के अन्य ऊपरी हिस्सों में घाव मिले हैं। घावों में कीड़े पड़े हुए थे। वह काफी कमजोर भी थी। बता दें कि इसी गांव में उसने रविवार को एक युवक को जख्मी कर दिया था। रात में ही एक बकरी को मार डाला था हालांकि वह उसे खा नहीं पाई। पार्क अधिकारियों का कहना है कि बाघिन की मौत स्वाभाविक लग रही है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेज दिया गया है।
मसानखंभ निवासी चंदर राना के घर के पास स्थित उनकी घारी में सोमवार सुबह बाघिन का शव पड़ा मिला। सूचना पर रेंजर मनोज श्रीवास्तव समेत तमाम पार्क कर्मी वहां पहुंच गए। उन्होंने बाघिन के शव को देखा तो उसके सिर, पूंछ और शरीर के ऊपरी हिस्से में जख्म थे और इसमें कीड़े पड़े हुए थे। सूचना पर पार्क उपनिदेशक महावरी कौजलगि भी पहुंच गए और शव को दुधवा लाया गया। यहां तीन चिकित्सकों के पैनल ने उसकी जांच की। बाघिन की उम्र करीब 12 वर्ष बताई गई है। पोस्टमार्टम के लिए उसका शव आईवीआरआई बरेली भेजा गया है। पार्क अधिकारियों ने बाघिन की मौत स्वाभाविक बताते हुए प्रथमदृष्ट्या शिकार से इंकार किया है। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद ही सारी स्थिति स्पष्ट होगी। बता दें कि वह रविवार को एक बाघिन ने इसी गांव के कल्लू को जख्मी किया था। रात में ही एक बकरी का भी शिकार किया था लेकिन खा नहीं पाई थी। माना जा रहा जगार होने पर घारी में छिप गई होगी।
मसानखंभ गांव में मरी मिली बाघिन के शव की चिकित्सकीय पैनल ने जांच की है। जख्म, उसमें कीड़े और उम्र के चलते उसकी मौत स्वाभाविक लग रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेेजा गया है। हालात से शिकार की स्थिति नहीं दिख रही। लग रहा है कि कुछ समय पहले उसका किसी वन्यजीव से संघर्ष हुआ है, जिसमें उसे जख्म आए होंगे।
- महावीर कौजलगि, उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क