बारिश के मद्देनजर वन विभाग ने जंगलों की सुरक्षा के इंतजाम बढ़ा दिए हैं। बरसात के मौसम में गश्त सुस्त हो जाने के कारण चोरी से पेड़ों का कटान और वन्यजीवों के शिकार की आशंका बढ़ जाती है। बारिश के मौसम में जंगल में पानी भरा होने के कारण गश्त भी मुश्किल हो जाती है। ऐसे में वन विभाग टीमों का गठन कर उन्हें गश्त के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने जा रहा है ताकि विपरीत परिस्थितियों में भी गश्त में बाधा न पड़े।
डीएफओ साउथ नीरज कुमार ने बताया कि वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए दक्षिण खीरी वन प्रभाग के सभी छह रेंजों में टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें दिन रात जंगल में भ्रमण कर जंगलों पर नजर रखेंगी। घने जंगलों जैसे भीरा और मैलानी में विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। टीमों का नेतृत्व संबंधित रेंज के रेंज अधिकारी करेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थलों को चिह्नित किया गया है।
उधर डीएफओ नार्थ जीपी सिंह ने बताया कि मानसून में सुरक्षा के दृष्टिकोण से उत्तर खीरी वन प्रभाग में संपूर्णानगर, बेलरायां और मझगईं सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं। इन जगहों पर विशेष गश्त की व्यवस्था की जा रही है। दुधवा नेशनल पार्क से सटे जंगलों में दुधवा पार्क प्रशासन से समन्वय बनाकर गश्त बढ़ाई जाएगी। आवश्यकतानुसार टीमों को जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ताकि भारी बारिश और जलभराव के बावजूद गश्त में बाधा न पड़े।
उधर दुधवा नेशनल पार्क में सुरक्षा के इंतजाम पहले ही चुस्त किए जा चुके हैं। गश्ती टीमों का गठन करने के बाद टीमों को रेनकोट, टार्च, लांग बूट, सर्चलाइट आदि उपलब्ध करा दिए गए हैं। नदियों में गश्त के लिए नावों की भी व्यवस्था की गई है। दुधवा के बाहरी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।