लखीमपुर खीरी। जिले में शुक्रवार को दिन भर हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। खेतों में खड़ी धान समेत कई फसलें जमीन पर गिर गई। इससे किसानों को फसल खराब होने, उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है। इतना ही नहीं बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई, इससे आवागम प्रभावित हो गया। वहीं, बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही।
जिले में बृहस्पतिवार शाम करीब आठ बजे मौसम बदला। ठंडी हवा चलने के बाद रात करीब 11 बजे बारिश शुरू हुई, जो पूरी रात होती रही। शुक्रवार सुबह थोड़ी देर हल्की रही, लेकिन बाद में फिर से पूरे दिन बारिश का सिलसिला चलता रहा।
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश से दलहनी फसलों को ज्यादा नुकसान है। धान की फसल जो गिर गई, एक दो दिन में कोई खास नुकसान नहीं होगा। इससे ज्यादा गिरे रहने पर फसल सड़ने लगेगी। इससे अधिक नुकसान का अनुमान है। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा कराया है, वह 72 घंटों के अंदर टोल फ्री 14447 नंबर पर सूचना दे दें। कंपनी प्रतिनिधि फसल नुकसान का सर्वे कर नुकसान का मुआवजा देंगी। इस बार जिले के 6400 किसानों ने फसल बीमा कराया है।
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रात में तीन घंटे गुल रही बत्ती
-बारिश के चलते शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई। शहर के मोहल्ला बहादुर नगर में बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे बिजली गुल हो गई, जो रात में दो बजे आई। इसके बाद सुबह पांच बजे तक बिजली आती-जाती रहती है। मोहल्ला बाबूराम सर्राफ नगर में भी रात करीब एक बजे बिजली गुल हो गई, जो सुबह पांच बजे आई।
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धान को नुकसान, गन्ने व केले को फायदा
बेलरायां/अमीरनगर। तेज हवाओं के साथ अनवरत बारिश से खेतों में लहलहाती धान, गन्ना, दलहनी आदि की फसलें बिछ गईं। बेलरायां के रजनीश राजपूत, राजेंद्र प्रसाद तोमर, बृजेश वर्मा आदि किसानों ने बताया कि खेतों में जलभराव हो गया है। पकी धान की खड़ी फसलें जमीन में गिर गई। इससे पैदावार पर असर पड़ेगा। अमीरनगर के किसान टीटू खां ने बताया कि उनकी धान की फसल गिर गई है। संवाद
सबसे ज्यादा निघासन में 28.4 एमएम बारिश
जिले में बृहस्पतिवार को औसतन 10.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसमें सबसे ज्यादा निघासन में 28.4, मोहम्मदी में 13, सदर में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को बारिश का आंकड़ा शामिल नहीं है।
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फोटो- 7 टीटू खां
खेतों में धान की फसल तैयार खड़ी है। लगातार बारिश होने से तैयार फसल को नुकसान हो सकता है। हालांकि, गन्ने की फसल के लिए यह बारिश फायदेमंद है।
-टीटू खां, देवरिया
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फसलों का भरोसा था, जो अब बारिश की भेंट चढ़ गई। अब तो गुजारा करना मुश्किल हो जाएगा। बच्चों की फीस, घर की गृहस्थी सहित अन्य जरूरी काम कैसे होंगे।
-शिवलाल गुप्ता, बरुआ
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जो कुछ रकम थी, वह फसलों पर लगा दी। बारिश से फसलें चली गईं। अब कैसे गुजारा होगा। फसल नुकसान का मुआवजा भी नहीं मिल पाता।
-रंजीत कुमार, बरुआ
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ऋण लेकर फसल लगाई थी, लेकिन बारिश से काफी अधिक नुकसान हुआ है। तीन दिन तक बारिश होने की बात कही जा रही, इससे फसलों का बचना मुश्किल होगा।
-रामौतार, बरुआ
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रंजीत कुमार
रंजीत कुमार
रंजीत कुमार
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