अब आधा दर्जन से अधिक गांववासियों को तय करनी होगी सात किमी अधिक दूरी
फेंसिंग लगाए जाने से नाराज लोग बोले, अंडरपास में भरा रहता है पानी और क ीचड़
ओयल। लखीमपुर से सीतापुर के बीच अमान परिवर्तन के बाद छोटी उमरिया गांव के पास नहर के करीब से निकलने वाले रास्ते को मंगलवार की रात रेलवे विभाग ने पूरी तरह बंद कर दिया। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि रेलवे ने जो अंडरपास बनाया है उसमें पानी और कीचड़ जमा रहती है, जिसके चलते अब छह गांवों के लोगों को सात किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी होगी। ग्रामीणों ने रेलवे के अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई है।
बृहस्पतिवार को जब सीतापुर जीआरपी के कर्मचारियों ने पुल के पास से निकले रास्ते को लोहे की फेंसिंग लगाकर बंद किया तो उधर से गुजरने वाले करीब एक दर्जन गांवों के लोगों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने उन्हें रास्ता बंद किए जाने से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया, बावजूद इसके कर्मचारियों ने अपना काम नहीं रोका।
ग्रामसभा खागी ओयल के राकेश कुमार का कहना है कि उनकी ग्राम सभा में कुल सात मजरे हैं, वहां जाने के मात्र तीन रास्ते हैं। एक अंडरपास है, जिसमें हमेशा पानी भरा रहता है। दूसरा रास्ता जो रेल विभाग ने बंद कर दिया और तीसरा रास्ता ओयल कस्बा होकर जाता है जिस पर चलकर करीब सात किमी दूरी ज्यादा तय करनी पड़ती है, जबकि नहर के किनारे बने रास्ते से होकर क्योटी कलां, उमरिया कलां, मीरपुर, कबीरपुर, रक्सा, नकुरी, पिथवापुर के लोग ओयल-लखीमपुर तक आया जाया करते थे। अब इस रास्ते के बंद होने से ग्राम वासियों को करीब सात किमी लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। इसको लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है। राकेश ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में रेलवे के अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है।