गुरुवार से शुरू होगा इस रूट पर अमान परिवर्तन का काम
रेलवे ने कार्यदायी संस्था की डिमांड पर दिया मेगा ब्लाक
पीलीभीत और टनकपुर रेलमार्ग पर गुरुवार से ट्रेनों का संचालन बंद होने जा रहा है। अब जिले से पूर्णागिरि मां के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओँ को पीलीभीत से टनकपुर जाने के लिए बस का सहारा लेना होगा।
छोटी लाइन को बड़ी लाइन में बदले जाने का काम तेजी के साथ चल रहा है। पिछले महीने जहां ऐशबाग और सीतापुर के बीच ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। वहीं गुरुवार से पीलीभीत और टनकपुर रूट पर भी ट्रेनों का संचालन बंद होने जा रहा है। इस रूट की ट्रेनें बंद हो जाने से सबसे ज्यादा दिक्कत माता पूर्णागिरि दरबार जाने वाले श्रद्धालुओं को होगी। अब तक सीतापुर, लखनऊ, हरदोई के माता भक्त पूर्णागिरि दरबार जाने के लिए सीतापुर से ट्रेन पकड़कर लखीमपुर के रास्ते होकर पीलीभीत और फिर वहां से टनकपुर पहुंचते थे। जिससे श्रद्धालुओं को कम पैसे खर्च करने पड़ते थे लेकिन अब पीलीभीत-टनकपुर रूट बंद हो जाने से यात्रियों को दोगुने से ज्यादा पैसे खर्च करने के साथ ही दिक्कतों का भी सामना करना पड़ेगा। फिलहाल इस रूट को 15 मई से बंद होना था लेकिन पूर्णागिरि मेले को देखते हुए इसे 16 जून से ब्लाक किए जाने का निर्णय लिया गया। भले ही पूर्णागिरि माता का मेला 15 जून को समाप्त हो जाता हो, लेकिन श्रद्धालु इसके बाद भी वहां जाते रहते हैं।
लखीमपुर के श्रद्धालु 45 रुपये में पहुचते थे माता के दरबार
लखीमपुर से टनकपुर की दूरी 191 किलोमीटर है। इसके लिए श्रद्धालुओं को ट्रेन से जाने पर मात्र 45 रुपये खर्च करने पड़ते थे लेकिन पीलीभीत टनकपुर रेलमार्ग बंद हो जाने से माता के भक्तों को अब इससे कई गुना पैसे खर्च करने के बाद समस्याओं का भी सामना करना पड़ेगा।
पीलीभीत टनकपुर रेल रूट पर 16 जून से मेगा ब्लाक लिए जाने का निर्णय लिया गया है। गुरुवार से छोटी लाइन की पटरियों को उखाड़ने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
-राजेंद्र सिंह, पीआरओ इज्ज्तनगर रेल मंडल