मझगईं। वन रेंज के मुर्गहा वन ब्लॉक में नदी किनारे चल रही अवैध कच्ची शराब की भट्ठियों पर कार्रवाई के दौरान पथराव और हमले के आरोप को लेकर वन विभाग और पुलिस के बयान आमने-सामने हैं। रेंजर अंकित कुमार सिंह ने वन विभाग की टीम पर हमला करने के प्रयास और सरकारी वाहन पर पथराव का आरोप लगाया है, जबकि सीओ जितेंद्र सिंह परिहार ने टीम पर हमला होने की बात को गलत बताया है।
बृहस्पतिवार को वन, आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर शराब की भट्ठियां ध्वस्त कर लहन नष्ट किया। एक आरोपी को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आठ आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बुधवार शाम मझगईं रेंज के डिप्टी रेंजर मनोज कुमार टीम के साथ मुर्गहा वन ब्लॉक में गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें नदी किनारे बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनते दिखाई दी। वन विभाग के अनुसार, टीम ने तस्करों को खदेड़ने का प्रयास किया तो आरोपी वनकर्मियों से उलझ गए। आरोप है कि उन्होंने सरकारी गाड़ी पर पथराव करते हुए वन टीम पर हमला करने की कोशिश की।
रेंजर अंकित कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी पानी का सहारा लेकर नदी के रास्ते भाग गए। हालांकि ग्राम प्रधान और स्थानीय स्टाफ ने भागते आरोपियों की पहचान कर ली। बृहस्पतिवार सुबह मझगईं थाना प्रभारी अनिल सिंह पंकज, आबकारी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मुर्गहा गांव के वन ब्लॉक में छापा मारा। टीम ने मौके पर शराब की भट्ठियों को पूरी तरह तोड़कर लहन नष्ट कर दिया।
वन विभाग की तहरीर पर मझगईं पुलिस ने भारतीय वन अधिनियम 1927 और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में मुर्गहा निवासी उमेश, राहुल, रविंद्र, चुन्ना उर्फ चना, गोछे, रोहित, छोटे, दिनेश और वीरपाल शामिल हैं।
मझगईं रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम पर हमला करने और सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त करने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। वन अपराध के तहत कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सीओ जितेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि मुर्गहा गांव में आबकारी और वन विभाग की टीम ने अवैध शराब माफिया के खिलाफ दबिश दी थी। एक आरोपी को पकड़कर जेल भेजा गया है और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने टीम पर हमला करने की बात को गलत बताया।