पांच जनवरी को अपने घर से गायब हुए थे डॉक्टर
लखनऊ स्थित अपने आवास से लापता हुए पसगवां सीएचसी के अधीक्षक डॉ. गौरव खन्ना सोमवार की शाम को रायबरेली में सकुशल मिल गए। परिवारवालों का कहना है कि काम की अधिकता और सीएचसी स्टाफ की मनमानी कार्यशैली से तंग होकर डॉ. चले गए थे।
लखनऊ निवासी डॉ. गौरव खन्ना जिले की पसगवां सीएचसी में अधीक्षक के पद पर तैनात थे। वह शनिवार को शेव बनवाने की बात कहकर पांच जनवरी को घर से कार द्वारा निकले थे, लेकिन फिर वह वापस घर नहीं लौटे और न ही सीएचसी पहुंचे। काफी खोजबीन करने और मोबाइल से भी संपर्क न होने पर उनकी पत्नी ने लखनऊ में ही गुमशुदगी दर्ज कराई थी। साथ ही इसकी सूचना सीएमओ डॉ. जावेद अहमद को दी, जिस पर सीएमओ ने भी एसपी मनोज कुमार झा को सीएचसी अधीक्षक के लापता होने की सूचना दी थी। अचानक सीएचसी अधीक्षक के लापता हो जाने पर स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। हालांकि सोमवार को लापता डॉक्टर के रायबरेली से मिल जाने की सूचना से स्वास्थ्य और पुलिस विभाग ने राहत की सांस ली।
रुपये निकालने से लगा पता
डॉ. गौरव खन्ना की सास ने फोन पर बताया कि बैंक से रुपये निकालने की डिटेल निकलवाने पर मालूम हुआ कि रायबरेली के एटीएम से रुपये निकाले गए है। एटीएम की लोकेशन सूर्या होटल के पास मिली, जिस पर घर के लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने बताया कि होटल के पास कार मिल गई और कुछ ही देर बाद डॉ. गौरव खन्ना भी आ गए।
अधिकारियों के असहयोग से चले गए थे डॉक्टर
डॉ. गौरव खन्ना के घरवालों ने बताया कि सीएचसी पर स्टाफ की कमी है जिस कारण कार्य अधिक है और अधिकारी सहयोग नहीं करते हैं। चार माह से वेतन भी नहीं मिला है, सीएचसी में कुछ लोग सीएमओ के खास हैं जो अक्सर वहां से गायब हो जाते हैं, जिससे सारा कार्य और कोर्ट की सुनवाई में भी इन्हें लखनऊ दौड़ा दिया जाता है। आखिरकार एक अकेला शख्स इतना सबकुछ कैसे सहन कर सकता है, इसी से परेशान होकर चले गए थे।
डॉ. गौरव खन्ना के मिल जाने की सूचना मिली है, घरवालों ने रायबरेली से सकुशल मिलने की बात बताई है, अब वह अपने घर पर हैं।
डॉ. जावेद अहमद सीएमओ