कृषि विभाग से संचालित योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को पारदर्शी किसान सेवा योजना केे तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। पंजीकृत किसानों को ही सब्सिडी समेत अन्य योजनाओं को लाभ मिल सकेगा। खरीफ सीजन में कुछ किसानों को ही सब्सिडी का लाभ मिल पाया था, क्योंकि पांच लाख से अधिक किसानों के सापेक्ष अभी तक 19,700 किसानों ने पंजीकरण कराया हैै। रबी सीजन में बीज वितरण में सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसानों का पंजीकरण अभियान शुरू हो गया है। शासन ने किसानों को पंजीकरण कराने के लिए 20 सितंबर 2015 तक समय सीमा निर्धारित की है।
पारदर्शी किसान सेवा योजना के तहत पंजीकरण कराने के लिए किसान टोल फ्री नंबर 18002001050 पर कॉल कर सकते हैं या फिर कृषि विभाग की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एग्रीकल्चर.यूपी.एनआईसी.इन पर उपलब्ध पंजीकरण फार्म ऑनलाइन भर सकेंगे। किसानों के लिए विकल्प है कि उप कृषि निदेशक कार्यालय छाउछ में बैंक पासबुक, खसरा-खतौनी के साथ संपर्क कर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा किसान लोकवाणी, सामान्य सुविधा केंद्र, साइबर कैफे से भी अपना पंजीकरण करा सकेंगे, लेकिन उन्हें अपने दस्तावेज ब्लाक स्तर पर राजकीय बीज भंडार पर जमा करने होंगे। जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि रबी सीजन 2015 में प्रमाणित बीजों की खरीद पर सब्सिडी की धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के तहत आरटीजीएस के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इस व्यवस्था के तहत रबी फसलों के प्रमाणित बीज सरकारी, अर्द्धसरकारी, सहकारी संस्थाओं के बीज विक्रय केंद्रों से किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
जरूरी है पंजीकरण
रबी फसलों के प्रमाणित बीजों का वितरण एक अक्तूबर 2015 से शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी, अर्द्धसरकारी और सहकारी संस्थाओं के विक्रय केंद्रों पर किसानों को पूर्ण मूल्य पर बीजों की बिक्री की जाएगी, जिसके 15 दिन के अंदर अनुदान की धनराशि किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
25 सितंबर को ब्लाक स्तर पर सूचियां होंगी चस्पा
पारदर्शी किसान सेवा योजना के तहत किसानों का पंजीकरण 19 अगस्त से शुरू हो गया है, जो 20 सितंबर 2015 तक चलेगा। इसके बाद 25 सितंबर को लाभार्थी किसानों की सूचियां ब्लाक स्तर पर चस्पा कर दी जाएंगी।
जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि किसानों को जागरूक कर पंजीकरण कराने के लिए संबंधित विभागों की मदद ली जा रही है। ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को योजनाओं का लाभ दिया जा सके। जो किसान ऑनलाइन पंजीकरण कराने में दिक्कत महसूस करते हैं, वो उप कृषि निदेशक कार्यालय में पंजीकरण करा सकते हैं।