नवरात्र के मौके पर संगीता देवी मंदिर में सजे माता के पंडाल में पूजा अर्चना करती महिलाएं। संवाद
लखीमपुर खीरी। मां के दरबार में कतारें, जुबां पर जयकारे और मन में मन्नतें। शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर रविवार को शहर के देवी मंदिरों में कुछ ऐसा ही नजारा रहा। मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। प्राचीन संकटा देवी मंदिर में भक्तों ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
देवी मंदिरों में मां के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की। महाअष्टमी पर मां के दर्शन के लिए मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां महागौरी का स्वरूप अत्यंत गौर और उज्ज्वल है। वे सफेद वस्त्र धारण करती हैं और वृषभ पर सवार रहती हैं। मां महागौरी को पवित्रता, शांति और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। उनके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे में डमरू सुशोभित है।
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मां दुर्गा के दरबार में उमड़ी श्रद्धा, भक्तों ने टेका माथा
बांकेगंज। बांकेश्वर महादेव-राधाकृष्ण मंदिर परिसर में सजे पंडाल में रविवार को मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां जगदंबा के चरणों में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ। इस दौरान महावीर प्रसाद जिंदल, आनू मिश्रा, दिनेश शर्मा, राजेंद्र माहेश्वरी और सुधीर मिश्रा आदि मौजूद रहे। संवाद
नवरात्र के मौके पर संगीता देवी मंदिर में सजे माता के पंडाल में पूजा अर्चना करती महिलाएं। संवाद