फूलबेंहड़ क्षेत्र में बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त श्रीनगर रपटा पुल के निर्माण की मांग पर अड़े आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों ने सोमवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया। ग्रामीणों की मांग है कि जब तक पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा तब तक अनशन जारी रहेगा। ग्रामीणों के अनशन की सूचना मिलने पर एसडीएम सदर आलोक कुमार वर्मा समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर अनशन खत्म कराने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों के मुताबिक श्रीनगर रपटा पुल कई साल पहले बाढ़ में कट गया था, जिससे खांभी, बसहा माफी, ग्रंट नंबर 12, शंकरपुरवा, पारसनाथपुरवा, गोदापुरवा, बैजनाथपुरवा, रंडहुआपुुरवा समेत कई गांवों के लोगों को बाढ़ के दिनों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों को नाव पर बिठाकर स्कूल भेजना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पुल निर्माण की मांग को लेकर अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र दिया जा चुका है लेकिन अधिकारी ग्रामीणों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सोमवार को पूर्व प्रधान भगवतसरन, पूर्व प्रधान ब्रजलाल, छैल बिहारी शुक्ला, दीपक वर्मा, प्रताप नरायन, रामचंदर समेत सौ से अधिक ग्रामीण पुल स्थल पर टेंट लगाकर आमरण अनशन पर बैठ गए। सूचना मिलने पर पहुंचे एसडीएम सदर, नायब तहसीलदार और एडीओ पंचायत ने ग्रामीणों से लिखित मांग पत्र देने और बजट होने पर पुल का निर्माण कराने का आश्वासन दिया। लेकिन ग्रामीण इस मांग पर अड़े रहे कि जब तक कार्य शुरू नहीं होगा तब तक उनका अनशन नहीं खत्म होगा। शाम तक ग्रामीणों को समझाने का सिलसिला चलता रहा लेकिन ग्रामीणों ने अनशन जारी रखने का ऐलान किया है।