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पुरैना गांव में भरा बाढ़ का पानी, कई गांवों को खतरा

Wed, 20 Jul 2016 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  निघासन खीरी।
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बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
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- शारदा का जल स्तर होने से कम हुआ पानी का दबाव
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- ठाकुरपुरवा और बैलहा में सायं तक पहुंचने लगेगा पानी
 दो दिन हुई बारिश और रानीगंज बंधा टूटने के बाद दर्जनोें गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बुधवार को पुराना पुरैना में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे 121 घरों में पानी भर गया है। ठाकुरपुरवा, बैलहा की ओर पानी का बहाव तेजी से हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि गुरुवार शाम तक दोनों गांव जलमग्न हो जाएंगे। तहसील प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों को कोई मदद नहीं पहुंचाई गई है, जिससे बाढ़ पीड़ित खानाबदोश जीवन जीने को विवश हैं।
मंगलवार की तड़के रानीगंज के पास घाघी नाले पर बंधा टूट गया था, जिससे नया पुरैना, पुराना पुरैना, ठाकुरपुरवा, सेमरापुरवा, रानीगंज सहित कई गांव बाढ़ की चपेट मेें आ गए थे। इधर, शारदा नदी का जलस्तर कम होने से बाढ़ पीड़ितों को कुछ राहत तो मिली है, लेकिन बंधे के पानी ने नया पुरैना के बाद से अब पुराने पुरैना को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया है। 100 घरों में पानी घुसने से लोग सड़कों पर आ गए हैं। पानी अपने वेग के साथ अब ठाकुरपुरवा और बैलहा गांव की ओर रुख कर गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह दोनों गांव देर सायं तक जलमग्न हो जाएंगे। बैलहा-ठाकुरपुरा, ठाकुरपुरवा-निघासन और मिठुई मार्ग पर कई फुट पानी है। लोग प्राइवेट नावों से आवागमन कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से कोई नाव की व्यवस्था नहीं कराई गई है। इसके अलावा न ही बाढ़ पीड़ितों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराई गई। 
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इन घरों में घुसा पानी
कन्हैया, बनवारी, अशोक, मूलचंद्र, गोवर्धन, जसकरन समेत करीब 100 घरों में पानी घुस गया है। बाढ़ पीड़ित अपने घरों को छोड़कर ऊंचे मार्गों पर शरण लिए हुए हैं। लकड़ी, राशन, तिरपाल आदि की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण बाढ़ पीड़ित खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं।
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