लखीमपुर खीरी। सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल में सोरायसिस और एक्जिमा रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। त्वचा रोग विशेषज्ञों का कहना है कि सर्द हवाओं के कारण त्वचा शुष्क हो जाती है, जिससे इस तरह की इन बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। ठंड में मौसम में त्वचा का विशेष ध्यान रखकर नारियल और शुद्ध सरसों तेल का उपयोग करना चाहिए।
बदलते मौसम में वायरल के साथ ही सोरायसिस और एक्जिमा रोग लोगों को चपेट में लेने लगा है। सर्दियों में ठंडी हवाएं चलने से त्वचा शुष्क हो जाती है। इससे शरीर में लाल चकत्ते पड़ने लगते हैं। शरीर में पानी की कमी, अधिक गर्म पानी से नहाने और विटामिन डी की कमी से दाने भी पड़ जाते हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि इस समय एक्जिमा और सोरायसिस के करीब 30 से 40 रोगी प्रतिदिन आ रहे हैं। इस बीमारी में तेज खुजली होती है और त्वचा भी मोटी होने लगती है, जो खुजलाने से पक तक जाती है। वहीं नमी के अभाव में त्वचा से सफेद पपड़ी सी निकलने लगती है। शुरूआती दौर में ध्यान न दिए जाने पर यह जोड़ों तक फैलकर सोरायसिस ऑर्थराइटिस हो जाती है। इसमें तेज दर्द तक होने लगता है। इससे बचाव के लिए मरीजों को शरीर गर्म रखने की सलाह दी जाती है।
सर्दी से बचाव के लिए सही कपड़ों का करें चुनाव
डॉक्टर बताते हैं कि सर्दियों में पहने जाने वाले गर्म कपड़े भी सोरायसिस बढ़ा देते हैं। बाजार में सिंथेटिक, नॉयलान और पॉलिस्टर के जैकेट मिलते हैं। इससे ठंड को तो दूर होती है, लेकिन इनमें मौजूद केमिकल सोरायसिस को बढ़ा देता है। इसलिए सर्दी से बचने के लिए कॉटन के कपड़ों और जैकेट का चुनाव करें।
ये रखें ध्यान
1- सूखी त्वचा पर नारियल तेल, मलाई, एलोवेरा लोशन या क्रीम लगाएं
2- विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए धूप में कुछ देर बैठें
3- पैरों में मोजे पहनकर रहें।
4- लाल चकत्तों को ज्यादा खुजाएं नहीं, इससे बीमारी बढ़ती है।
5- सर्दी में शरीर की साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें।
सर्द हवाओं के कारण त्वचा की नमी सूख जाती है। इससे तमाम तरह के त्वचा रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए ठंड में त्वचा का विशेष ध्यान रखें। नमी बनाए रखने के लिए नारियल या फिर सरसों के तेल से मालिश करें। कुछ देर धूप में अवश्य बैठें। त्वचा पर दाने या फिर चकत्ते आदि दिखाई देने पर अस्पताल आकर दिखाएं।
- डॉ. आरपी मौर्या, त्वचा रोग