लखीमपुर खीरी। अटेवा एनएमओ पीएस के प्रदेशीय और राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर अटेवा के पदाधिकारियों ने एनपीएस और यूपीएस के विरोध व पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आक्रोश जताते हुए मार्च निकाला। मार्च विलोबी मेमोरियल हॉल से शुरू हुआ जो शहर के मुख्य मार्ग से गुजरा। इसके बाद पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन डीएम को सौंपा।
प्रदेश संगठन मंत्री संदीप वर्मा ने बताया कि एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर देश के समस्त जनपद मुख्यालयों पर एनपीएस और यूपीएस के विरोध में एवं पुरानी पेंशन बहाली के लिए आक्रोश मार्च निकाला। उन्होंने बताया कि एनपीएस शेयर मार्केट आधारित पेंशन व्यवस्था है, जो कि शिक्षक कर्मचारी व अधिकारियों के लिए अभिशाप है।
जिला संयोजक विश्वनाथ मौर्य ने बताया कि पिछले कई सालों से अटेवा एनएमओपीएस पुरानी पेंशन बहाली के लिए आंदोलन कर रहा है। इस मुद्दे पर सरकार किसी प्रकार का विचार न करके एनपीएस की तरह यूपीएस कर्मचारियों पर थोप रही है, इसको लेकर शिक्षकों कर्मचारियों और अधिकारियों में रोष व्याप्त है।
जिला महामंत्री मनोज वर्मा ने कहा कि नेता यूपीएस और एनपीएस को पुरानी पेंशन से बेहतर बता रहे हैं और स्वयं पुरानी पेंशन ले रहे हैं। संगठन ज्यों कि त्यों पुरानी पेंशन बहाली की मांग करता है, उसमें किसी प्रकार के संशोधन और सुधार की नहीं।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने कहा कि हमारा संगठन हमेशा अटेवा के साथ रहा है। पुरानी पेंशन बहाली तक साथ देता रहेगा। उन्होंने बताया कि शिक्षक और कर्मचारी सरकार के अंग हैं। सरकार के कार्यों और योजनाओं की पूर्ति के लिए पूरी तन्मयता और निष्ठा के साथ समर्पित रहते हैं, जबकि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
इस मौके पर यूपी लेखपाल संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र मिश्रा, सफाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष सतीश वर्मा, सिंचाई विभाग के जिला मंत्री सुरेंद्र मौर्य, फरमान अली, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला मंत्री डॉ. अनिल वर्मा, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राकेश मिश्रा, महिला शिक्षक संघ की अध्यक्ष आभा शुक्ला, विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र मोहन श्रीवास्तव व विभिन्न संगठनों के अध्यक्ष ने भी अपने संबोधन में कहा पुरानी पेंशन की मांग समस्त शिक्षक कर्मचारियों की है और उत्तर प्रदेश के सभी शिक्षक कर्मचारी और अधिकारी एकजुट हैं।