सिंगाही (लखीमपुर खीरी)। थाना क्षेत्र के गांव मटहिया में चार सितंबर को तीन साल की मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस के खुलासे पर सवाल उठाते हुए शनिवार को ग्रामीण लामबंद होकर गांव में ही धरने पर बैठ गए। साथ ही मांग पूरी न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने पुलिस पर फर्जी खुलासे का आरोप लगाते हुए एसओ को निलंबित करने की मांग की। उधर, धरना-प्रदर्शन में बसपा की टीम भी पहुंची और आर-पार की लड़ाई का एलान किया।
क्षेत्र के एक गांव में तीन साल की बच्ची का शव गन्ने के खेत से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी। इस मामले में बच्ची के परिजनों ने लेखराम गौतम को आरोपी बनाया था। लेखराम के भाई सतनाम ने बताया कि छह साल पहले उसकी भाभी की हत्या में बच्ची के ताऊ नामजद आरोपी थे। उनकी सितंबर माह में सजा होने वाली थी। इसी के चलते वह दबाव बनाकर सुलह करना चाहते थे। आरोप है कि बच्ची की हत्या में भाई को गलत तरीके से फंसाया गया है। उसका भाई लेखराम थाने में अपने बेगुनाह होने की बात कहने के लिए गया था। वहां पर पुलिस ने उसे रोक लिया और रात भर थाने में बैठाने के बाद पांच सितंबर को उसके पैर में गोली मारकर मुठभेड़ दिखा दी। आरोप है कि पुलिस सतनाम को भी लेकर बम्हनपुर पहुंची थी। वहां पर सिंगाही थाने के एक दरोगा ने उसे 200 रुपये किराये के देकर और उसके भाई को छोड़ने का आश्वासन दिया था। आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में षड्यंत्र रचा है। थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज को यदि देखा जाए तो रात में ही लेखराम के थाने जाने का प्रमाण मिल जाएगा। ग्रामीणों ने एसओ को निलंबित करने, आरोपी का डीएनए टेस्ट कराने, सीबीआई जांच कराने की मांग की। हलका दरोगा पर आरोप लगाया कि वह जबरन धरना खत्म कराने का दबाव बना रहे थे, जिसे लेकर प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
‘महिलाएं सुरक्षित नहीं, फर्जी मुठभेड़ दिखाकर लूटी वाहवाही’
बसपा जिलाध्यक्ष प्रमोद चौधरी की अगुवाई में एक टीम धरना प्रदर्शन में शामिल हुई। वहां पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। इस दौरान प्रमोद चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार में चारों तरफ भय का माहौल है। अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। कोषाध्यक्ष मनमोहन मौर्य ने कहा कि महिलाएं सुरक्षित नहीं है। कानपुर का कांड हो या सिंगाही का दोनों में पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर वाहवाही लूटने का प्रयास किया है। प्रतिनिधि मंडल में पूर्व जिलाध्यक्ष रामकुमार चौधरी, प्रहलाद भार्गव, इरशाद, छत्रपाल, वीके निषाद शामिल रहे। प्रमोद चौधरी ने कहा कि बसपा की एक टीम एसपी से मिलेगी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।
सपा ने भी की निष्पक्ष जांच की मांग
सपा नेता हिमांशु चौधरी ने पुलिस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले। जांच में यदि लेखराम गौतम दोषी है तो उसे फांसी से कम की सजा न दी जाए।
धरना प्रदर्शन से पुलिस के फूले हाथपांव
गांव में चल रहे धरना प्रदर्शन को लेकर पुलिस के हाथपांव फूल गए हैं। पुलिस धरना प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। शनिवार को जब धरना शुरू हुआ तो बीट के सिपाहियों और हलका दरोगा को मामले की जानकारी नहीं थी। दो घंटे प्रदर्शन होने के बाद ही पुलिस को इस मामले में जानकारी हुई।