लखीमपुर खीरी। मारपीट, बंधक बनाने, जातिसूचक गाली देने और जान से मारने की धमकी के मामले में अभियोजन आरोप साबित नहीं कर सका। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) राजेश्वरी टोलिया की अदालत ने आरोपी जगदीश और रामशंकर को दोषमुक्त कर दिया। वहीं, वादी मुन्नी देवी और तीन घायल गवाहों के खिलाफ झूठी गवाही के मामले में नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
मामला निघासन थाना क्षेत्र के अदलाबाद गांव का है। अभियोजन के अनुसार, तीन जुलाई 2021 को हुए विवाद के बाद मारपीट और जातिसूचक गाली देने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। विवेचना के बाद जगदीश और रामशंकर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया।
सुनवाई के दौरान वादी मुन्नी देवी और घायल गवाह दीपू, अजय व कुलदीप ने अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया। उन्होंने अदालत में कहा कि चोटें खेल के दौरान लगी थीं और आरोपियों ने उनके साथ मारपीट नहीं की थी। अदालत ने माना कि अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। इस आधार पर दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
अदालत ने वादी मुन्नी देवी और तीनों घायल गवाहों के खिलाफ झूठी गवाही के संबंध में अलग से मामला दर्ज कर नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।