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 गेहूं बरामदगी मामले को ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी      

Fri, 16 Jun 2017 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो            लखीमपुर खीरी।
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गेहूं - फोटो : अमर उजाला
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जांच अधिकारी खुद कह रहे, जून भर हूं व्यस्त      
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22 तक लखनऊ में करेंगे ड्यूटी, फिर जाएंगे छुट्टी      
1214 सरकारी बोरों में गेहूं बरामदगी का मामला             
 राजापुर मंडी में 1214 सरकारी बोरों में बरामद गेहूं के मामले में अधिकारियों ने शुरुआत से ही कार्रवाई और जांच में दोषियों को बचाने का प्रयास किया, वहीं अब डीएम ने एडीएम न्यायिक रामसुरेश वर्मा  को जांच सौंपी है। खास बात यह है कि जांच अधिकारी की ड्यूटी लखनऊ में होने वाले योग दिवस समारोह में लगी है। वह खुद कहते हैं अभी मामले में कुछ नहीं बता पाऊंगा, क्योंकि 22 तक लखनऊ में हूं। फिर छुट्टी जाऊंगा। जुलाई में आने पर मामले की जांच शुरू की जाएगी। हां, किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा।     
बता दें कि आठ जून 2017 को राजापुर मंडी में आढ़तियों के फड़ पर खुलेआम सरकारी बोरों में गेहूं भरकर सरकारी एजेंसियों को सप्लाई की जा रही थी। एसडीएम के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए डिप्टी आरएमओ ने मंडी में छापा मारकर 1214 सरकारी बोरे गेहूं बरामद कर सीज कर दिया था। मामले में सत्ताधारी दल के एक कद्दावर नेता के नाम की भी चर्चा आम है। शायद यही वजह है कि दोषी आढ़तियों और रसूखदारों को बचाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका नतीजा है कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर खानापूर्ति कर दी गई। आढ़तियों के फड़ पर सरकारी बोरों में गेहूं भर रहे पल्लेदारों के बयान नहीं लिए गए। वहीं मंडी अधिकारियों ने भी कुछ भी जानकारी होने से इंकार कर दिया था। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिस पर संज्ञान लेते हुए डीएम आकाशदीप ने 13 जून 2017 को मामले की जांच एडीएम न्यायिक रामसुरेश वर्मा को सौंपी थी, जिससे जल्द ही दोषियों के बेनकाब होने की उम्मीद थी। बरामदगी से अब तक आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रकरण की जांच में प्रगति जीरो बनी हुई है।             
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बाक्स=वर्जन             
मंडी मामले की जांच के लिए निर्देश मिले हैं, लेकिन अभी योग दिवस की तैयारियों के लिए लखनऊ में ड्यूटी लगी है। 21 जून को कार्यक्रम संपन्न कराने के बाद वापस आने पर ही जांच शुरू हो पाएगी।             
रामसुरेश वर्मा, एडीएम न्यायिक/जांच अधिकारी             
    
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