लखीमपुर खीरी। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रबंधन के लिए खास इंतजाम किए हैं। नाव, गोताखोर, बाढ़ चौकियां बनाते हुए संभावित गांवों को चिन्हित कर लिया है। इस बार सात हेलीपैड भी बनाए गए हैं, ताकि हालात खराब होते हैं तो हेलीकॉप्टर से पीड़ितों की मदद की जा सके।
इस वर्ष पांच तहसीलों के 443 गांवों को संभावित बाढ़ प्रभावित के दायरे में रखा गया है। इसके लिए 19 शिविर बनाए गए हैं, जिसमें 7700 लोगों को ठहराने की क्षमता है। आपदा विशेषज्ञ अंकित राज ने बताया कि पलिया, निघासन, धौरहरा, गोला और लखीमपुर में 19 केंद्र और 38 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। 388 नाव की व्यवस्था की गई। इतना ही नहीं 143 गोताखोरों से बाढ़ में मदद ली जाएगी।
जिला प्रशासन 26 जून को जिले की पांच तहसीलों में मॉकड्रिल कराने जा रहा है। इसके लिए 38 विभागों की भागीदारी रहेगी। मॉक ड्रिल से संबंधित शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन बैठक करेगा।
यहां पर बनाए गए हेलीपैड
लखीमपुर के शारदानगर में सिंचाई विभाग का पक्का हेलीपैड, निघासन के प्लाईवुड कारखाना मैदान और महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज तिकुनिया, धौरहरा तहीसल के ओएनजीसी हॉस्पिटल सिसैया कलां, गोला के स्व. राजेंद्र गिरि स्टेडियम, पलिया के राजकीय हवाई पट्टी मुजहा और एसएसबी कैंप गदनियां में हेलीपैड बनाए गए हैं।