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Lakhimpur Kheri: गोला से लखनऊ के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी, जानें- कहां पहुंची पूरी कवायद

Fri, 09 Dec 2022 06:30 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी

सार

डीजल की बढ़ती कीमतों के अलावा पर्यावरण को प्रदूषण से सुरक्षित रखने के लिए परिवहन निगम ने लखनऊ से लखीमपुर तक इलेक्ट्रिक बसें चलाने का निर्णय लिया है। हालांकि, इन बसों का संचालन किस तिथि से शुरू होगा, इसके बारे में रोडवेज के अफसर कुछ बता पाने की स्थिति में नही हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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लखनऊ सहित महानगरों में चल रही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जल्दी ही लखीमपुर खीरी से भी शुरू होने वाला है। परिवहन विभाग ने लखनऊ से लखीमपुर तक इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। इलेक्ट्रिक बस के सर्किट से जल्द ही गोला भी जुड़ेगा। लिहाजा, गोला से लखनऊ तक के संचालन के लिए भी कवायद शुरू हो गई है। आरएम ने गोला डिपो के एआरएम से प्रस्ताव मांगा है।

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डीजल की बढ़ती कीमतों के अलावा पर्यावरण को प्रदूषण से सुरक्षित रखने के लिए परिवहन निगम ने लखनऊ से लखीमपुर तक इलेक्ट्रिक बसें चलाने का निर्णय लिया है। हालांकि, इन बसों का संचालन किस तिथि से शुरू होगा, इसके बारे में रोडवेज के अफसर कुछ बता पाने की स्थिति में नही हैं। लेकिन उनका दावा है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की कवायद शुरू हो चुकी है। उम्मीद है कि जल्द इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी।

उधर, इलेक्ट्रिक बस संचालन शुरू होने की खबर से शहरवासियों में भी खुशी है। परिवहन निगम के आरएम हरदोई अपराजित श्रीवास्तव ने गोला डिपो के एआरएम से प्रस्ताव मांगा है।
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गोला डिपो से भी इलेक्ट्रिक बस संचालन को लेकर प्रस्ताव मांगा गया है। ये बसें गोला से लखनऊ तक चलेंगी। बसें चेतक और राजधानी के नाम से चलेंगी। इलेक्ट्रिक बस चलने से यात्रियों को बेहतर सफर के साथ समय कम लगेगा, क्योंकि इनके स्टापेज सम्भवत: कम ही रहेंगे। फिलहाल अभी इनका संचालन शुरू होने में काफी समय लगेगा। इलेक्ट्रिक बसों से आसान होगा सफर - परिवहन विभाग के लोगों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पर्यावरण के दृष्टिगत और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए इलेक्ट्रिक बस संचालन प्रारम्भ किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषण को रोका जा सकेगा।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पर्यावरण संरक्षण के साथ ही डीजल-पेटोल के आयात पर होने वाला खर्च भी घटेगा। ये बसें पूरी तरह से इलेक्ट्रिसिटी पर चलेंगी। इससे और शोर के साथ प्रदूषण कम होगा। यह बसें पर्यावरण हितैषी होने के साथ-साथ आवागमन का सहज और सस्ता साधन बनेंगी। इनसे जनता की सुविधा बढ़ेगी।

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