जिला महिला अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना के लिए खड़ी महिलाएं। संवाद
लखीमपुर खीरी। सुरक्षित और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सरकार जननी सुरक्षा योजना से प्रसूताओं को प्रोत्साहन राशि देती है। यह राशि प्रसव के 48 घंटे के भीतर लाभार्थी के खाते में पहुंचने का नियम है। हालांकि बीते करीब 10 दिन से बजट के अभाव में प्रसूताओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे प्रसूताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जेएसवाई जननी सुरक्षा योजना के तहत शहरी क्षेत्र में रहने वालीं प्रसूताओं को उनके खाते में एक हजार रुपये व ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिए जाते हैं। यह राशि प्रसव के 48 घंटे के भीतर उनके खाते में पहुंचना चाहिए। जिला महिला अस्पताल में करीब 20 महिलाओं को प्रसव प्रतिदिन होता है।
इधर, बीते करीब 10 दिन से बजट की कमी की वजह से तकरीबन दो सौ महिलाओं के खाते में यह राशि नहीं पहुंच पा रही है। इससे लाभार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि एसीएमओ डॉ. रवि मोहन गुप्ता का कहना है कि बजट की कमी नहीं, बल्कि जिस मंत्र एप से पैसा भेजा जाता है, उसी में तकनीकी खामी आ गई है। उसके सही होते ही खातों में पैसा भेज दिया जाएगा।
मंत्र एप के जरिए पहुंचती है प्रोत्साहन राशि
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंत्र एप के माध्यम से प्रसूताओं के खाते में प्रोत्साहन राशि भेजी जाती है। प्रसव के बाद स्टाफ नर्स प्रसूता का पूरा विवरण एप पर देती है। एप में कई प्रक्रिया से गुजरने के बाद यह राशि लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है।
कागजों में कमी होने पर भी आती है दिक्कत
जिला महिला अस्पताल सीएमएस डॉ. ज्योति मेहरोत्रा ने बताया कि बजट की कमी की वजह से लाभार्थियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। बजट आते ही सबके खाते में जननी सुरक्षा योजना का पैसा आने लगेगा। इसके अलावा कई बार लाभार्थी का खाता आधार से लिंक या पासबुक सहित अन्य कागजों में कमी होती है तो यह राशि उनके खाते में पहुंचने में दिक्कत आती है।