प्रसूता को ट्रॉली से एंबुलेंस तक ले जाते लेखपाल श्याम नंदन मिश्रा।संवाद
निघासन (खीरी)। चारों ओर फैले बाढ़ के पानी और बंद रास्तों के बीच एक गर्भवती की सांस उस वक्त सांसत में फंस गई, जब अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और ग्रामीणों की मदद से न केवल उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया, बल्कि रास्ते में ही उसका सुरक्षित प्रसव भी कराया गया।
क्षेत्र के ग्रंट नंबर-12 के मजरा रंडौहा गांव निवासी संजय निषाद की पत्नी शीला बृहस्पतिवार को अचानक प्रसव पीड़ा से कराह उठी। घर के चारों तरफ बाढ़ का पानी और बाहर जाने का कोई रास्ता नहीं। परिवार ने किसी तरह प्रशासन से मदद की गुहार लगाई।
सूचना मिलते ही एसडीएम राजीव निगम ने स्वयं पहुंचकर क्षेत्रीय लेखपाल श्याम नंदन मिश्र को ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर मौके पर भेजा। गर्भवती को चारपाई पर लिटाकर ग्रामीणों की मदद से ट्राॅली पर बैठाया गया और बंधे की ओर रवाना किया गया, लेकिन बंधे तक पहुंचने से पहले ही प्रसव पीड़ा तेज हो गई। नाजुक हालात में कपड़े और तिरपाल से घेरा बनाकर वहीं प्रसव कराया गया। कुछ ही देर में शीला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। नवजात की पहली किलकारी गूंजी तो परिवार समेत ग्रामीणों की आंखें खुशी से नम हो गईं।
इसके बाद जच्चा-बच्चा को एंबुलेंस के जरिये फूलबेहड़ सीएचसी भेजा गया। चिकित्सकों ने जांच और टीकाकरण कर दोनों को पूरी तरह सुरक्षित बताया।