भीषण गर्मी में बिजली कटौती का मौजूदा शेड्यूल और स्थानीय स्तर पर होने वाली तकनीकी दिक्कतें लोगों के लिए मुसीबत बन गई हैं। लखीमपुर और गोला में तो नौ घंटे भी बिजली मिल पाना मुश्किल हो रहा है। रात में होने वाली छह घंटे की बिजली कटौती से रात की नींद हराम हो गई है। रात में नींद पूरी न होने से लोग बीमार हो रहे हैं। उनमें चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है।
इन दिनों बिजली कटौती का जो शेड्यूल चल रहा है उसके मुताबिक रात में 11 बजे से चार बजे तक बिजली कटौती की जा रही है। यह समय लोगों के आराम से सोने का होता है। बिजली न रहने पर भीषण गर्मी और मच्छरों के कारण लोग सो नहीं पा रहे हैं। सुबह भी सात बजे से दस बजे तक बिजली गायब रहने से लोगों को पानी की दिक्कत होने लगी है। बिजली कटौती ने यह हालात पैदा कर दिए हैं कि न तो लोग रात में चैन से सो पा रहे हैं न दिन में आराम कर पा रहे है। इससे लोग परेशान हैं। --
गोला में तो हालत और भी बदतर
गोला में बिजली कटौती की हालत और भी खराब है। रात 11 बजे से चार बजे तक बिजली रहने के बाद सुबह गायब हुई बिजली दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे आई। मुश्किल से दो घंटे बिजली रहने के बाद पांच बजे फिर गायब हो गई। यहां मुश्किल से नौ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। बिजली अभियंताओं का कहना है कि यहां लगे ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक लोड है। इसके कारण टुकड़ों-टुकड़ों में बिजली दी जा रही है।
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रात में बिजली गायब रहने से अपराध बढ़े
लखीमपुर शहर में रात 11 बजे से सुबह चार बजे तक बिजली गायब रहने से शहर की सड़कों पर अंधेरा पसर जाता है। इससे यहां अपराधों में बढ़ोतरी हुई। रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन के अलावा मांगलिक समारोहों से लौटते समय अक्सर लोग छिनैती का शिकार हो जाते है। रात में चोरी की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है।
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लोकल फाल्ट बने दाद में खाज
बिजली किल्लत में लोकल फाल्ट दाद में खाज बन गए है। कम क्षमता के ट्रांसफार्मरों पर अधिक लोड, पुराने ट्रांसफार्मरों के बार-बार फुंकने, जर्जर तारों के टूटने और बिजली उपकेंद्रों पर लगे पुराने उपकरणों में बार-बार खराबी आने से निर्धारित बिजली कटौती के अलावा भी कई घंटे बिजली गायब हो जाती है।
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निघासन में मिल रही मात्र पांच-छह घंटे बिजली
निघासन। तराई इलाके के ग्रामीण अंचलों में भी भारी बिजली कटौती जारी है। निघासन में ग्रामीणों को मुश्किल से पांच से छह घंटे ही मिल पा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में रात में 11 बजे से सुबह चार बजे तक और सुबह छह बजे से दोपहर 11 बजे तक बिजली सप्लाई का शेड्यूल निर्धारित है। जबकि निर्धारित समयावधि के करीब एक घंटे बाद बिजली आती है और समय पूरा होने से पहले चली जाती है।
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दिनभर गर्मी से उबल रहे है लोग
उचौलिया। रविवार से शुरू हुए नए शेड्यूल में केवल रात में ही बिजली आने से भीषण गर्मी में लोग दिन भर उबलते रहते हैं। रात में भी लाइन फाल्ट के कारण कभी कभी ही बिजली नसीब होती है। नया शेड्यूल लागू होने के बाद दिन भर बिजली न आने से उपभोक्ताओं का बुरा हाल है। जेई मनीष गौड़ का कहना है कि बिजली आपूर्ति शेड्यूल कंट्र्रोल से निर्धारित होता है। इसमें स्थानीय स्तर पर कुछ भी नही किया जा सकता।
गोला गोकर्णनाथ। गर्मी शुरू होते ही विभागीय अधिकारियों ने बिजली का रोस्टर बदलकर अधाधुंध कटौती शुरू कर दी है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एसडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि रात 11 से सुबह पांच और दिन में 11 बजे से शाम पांच बजे तक विद्युतापूर्ति करने का रोस्टर है। विभागीय सूत्रों के अनुसार 20/21 की रात कुल तीन घंटे ही उपभोक्ताओं को विद्युतापूर्ति की गई। दिन में लगातार ट्रिपिंग होती रही। चार नंबर फीडर पर लो वोल्टेज और तकनीकी खराबी का ही विभागीय कर्मी रोना रोते रहे। लो वोल्टेज के संबंध में एसडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि विभागीय कर्मियों को लो वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ताओं को निजात दिलाने के लिए कहा गया है लेकिन वह लोग उनकी बात का समय से पालन नहीं करते हैं। मोहल्ले वासियों का आरोप है कि लो वोल्टेज के कारण इलेक्ट्रानिक उपकरण शोपीस बने हैं। अंधाधुंध बिजली कटौती से उद्योग धंधे चौपट हो रहे हैं वहीं गर्मी के कारण घरों में लोग बेहाल हैं।