भाजपा नगर इकाई ने बिजली कटौती सहित कई जन समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन के माध्यम से बिजली कटौती की स्थिति में सुधार की मांग की है।
भाजपा नगर इकाई ने डीएम को ज्ञापन देकर बताया है कि शहर में बिजली कटौती रात्रि 11.00 बजे से सुबह 4.00 बजे तक हो रही है। इसके समय में बदलाव किया जाए। नगर में धार्मिक पूजा स्थलों एवं विद्यालयों के पास जो मदिरा की दुकानें आवंटित की गई हैं उनको तत्काल हटाया जाए या निरस्त किया जाए। जिससे अवांछनीय तत्वों से उन स्थानों से छुटकारा मिल सके और शांतिपूर्वक लोग पूजा-अर्चना कर सकें। ज्ञापन देने वालों में नगर अध्यक्ष सुनील बाथम, जिला उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, जिलामंत्री आशू मिश्रा, आशा रस्तोगी, नीलम गुप्ता, अशोक कुमार ढल, दीपक पुरी, उमाशंकर मिश्रा, बविता घोषाल, कौशल तिवारी, अनिता शुक्ला, दीपक पुरी और उमाशंकर मिश्रा सहित तमाम लोेग उपस्थित थे।
बिजली फाल्ट से जूझते हैं झंडी के उपभोक्ता
निघासन। झंडी फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को आए दिन बिजली के फाल्ट से जूझना पड़ता है। इस फीडर से जुडे़ लोगों को 24 घंटे में मात्र तीन घंटे बिजली सप्लाई मिल सकी है।
झंडी फीडर में रकेहटी, झंडी और मंडप फार्म के किसान जुड़े हैं। सबसे अधिक समस्या इस फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को होती है। 24 घंटे में यहां के उपभोक्ताओं को दो से तीन घंटे ही बिजली नसीब होती है।
मैलानी में पूरी रात ठप रहती है बिजली
मैलानी। बिजली के बदले रोस्टर ने यहां लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। अब रात को पौने नौ बजे जाने के बाद पूरी रात बिजली ठप रहती है। इन्वर्टर भी पूरी रात चल नहीं पाते हैं, ऐसे में रातों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। व्यापार मंडल महामंत्री अमित अरोरा, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष आशीष अग्रवाल, भगवत स्वरूप बाथम आदि का कहना है कि अभी यह हाल है, तो आगे भीषण गर्मी पड़ने पर तो और भी परेशानियां उठानी पड़ेंगीं। आमजन ने दिन-रात दो शिफ्टों में बिजली दिए जाने की मांग की है।
छठे दिन भी शुरू नहीं
हुई बिजली सप्लाई
ममरी। ग्रामीणों के अड़ियल रवैये से रामपुर नं 18 और जनकपुर स्थित मोबाइल टॉवरों तथा गांव की बिजली सप्लाई छठे दिन भी बाधित रही। जनकपुर के लोग 11हजार वोल्ट लाइन गांव के बाहर निकालने की जिद पर अड़े हैं।
जनकपुर के प्रधान अमर सिंह, इंद्रजीत यादव, वेदप्रकाश, तरुण आदि का कहना है कि टॉवरों को बिजली सप्लाई गांव के बाहर लाइन खींचकर दी जानी चाहिए। साथ ही गांव की 440 वोल्ट सप्लाई बहाल होनी चाहिए। उधर लाइनमैन रमेश कुमार मिश्रा का कहना है कि टॉवरों को सप्लाई देने के लिए जब गांव के बाहर लाइन की सर्वे शुरू की गई तो करतार सिंह आदि लोगों ने खेतों में खंभे खड़े करने से मना कर दिया। जिससे उनके सामने एक और मुसीबत खड़ी हो गई है। कहा कि जब खंभे नहीं खड़े होंगे तो बिजली सप्लाई कैसे बहाल होगी। उन्होंने इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को दे दी है।