लखीमपुर खीरी। बीते शनिवार को शारदा नदी से मिले शव का 36 घंटे बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। शव पर फूलबेहड़ और पढुआ निवासी दो अलग-अलग परिवार अपना हक जताया। वे डीएनए टेस्ट कराने की मांग कर रहे हैं।
शारदा नदी में बीती शनिवार शाम एक अधेड़ अज्ञात व्यक्ति का शव पुलिस ने बरामद किया था। पुलिस ने शव की शिनाख्त करने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रही थी। रविवार सुबह इस बात की जानकारी होने पर फूलबेहड थाना क्षेत्र के अंदेशनगर की मंसूला देवी ने पति रामाशीष पुत्र बिरजू का शव होने का दावा किया।
मंसूला देवी ने बताया कि सात अगस्त को पति गांव से लापता हो गए थे, जिसकी गुमशुदगी फूलबेहड़ थाने में दर्ज है। दूसरी ओर थाना पढ़ुआ के भगहा (मंझरा पूरब) के विजय पाल ने शव की पहचान अपने 38 वर्षीय पिता गोकुल प्रसाद के रूप में की। विजय पाल का कहना था कि उसके भी पिता एक सप्ताह पहले रिश्तेदारी से घर जाते समय गायब हो गए थे, जिनकी गुमशुदगी पढ़ुआ थाने में दर्ज कराया था।
दोनों पक्ष अपने अपने परिजन का शव होने का दावा करने से पुलिस असमंजस में पड़ गई थी। शव पिछले 36 घंटे में मोर्चरी में रखा है। शारदानगर थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दो अलग अलग लोग शव पर हक जता रहे हैं। पहचान न होने से शव अज्ञात हो गया, जिसका 72 घंटे पूरे होने के बाद ही पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।