भाकपा माले ने जिले में लचर कानून व्यवस्था और अन्य कई समस्याओं को लेकर तहसील परिसर में धरना दिया। इस मौके पर माले पदाधिकारियों ने कहा कि आम आदमी परेशान है और कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। इसके बाद उन्होंने डीएम को ज्ञापन भी भेजा।
भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी के नेतृत्व में माले सदस्यों ने तहसील परिसर में धरना दिया। कृष्णा अधिकारी ने कहा कि केंद्र की कारपोरेट नीति और प्रदेश सरकार के खिलाफ ये धरना दिया जा रहा है। मोदी सरकार में दलितों, अल्पसंख्यकों और बुद्धिजीवियों को जीने और अभिव्यक्ति का अधिकार नहीं है। उत्तर प्रदेश में अपराधी और पुलिस गठजोड़ चल रहा है। खैरीगढ़ में तीन बहनों का अपरहण और फिरौती देकर छूटना ये साबित करता है। कहा कि केंद्र सरकार ने कारपोरेट के लिए खजाना खोल दिया है और गरीब मारा जा रहा है। यूपी में भी गरीबों का हाल बुरा है। किसानों के नाम पर वोट लेने वाले आज उनको ही ठग रहे हैं। किसान महासभा के प्रदेश कमेटी सदस्य कमलेश राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसान मजदूर विरोधी है और अपराधियों को पुलिस के जरिए संरक्षण देती है। धरने को खेत मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष रामकिशुन, ममता, रंगीलाल, रामसेवक, गजेंद्र, तूफानी, शंकर आदि ने भी संबोधित किया। इसके बाद एक छह सूत्री मांग पत्र डीएम को भेजा गया। जिसमें खैरीगढ़ अपहरणकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी, गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने, सभी परिवारों के जॉब कार्ड, राशनकार्ड बनवाने, जंगल किनारे बसे लोगों के अधिकारों की गारंटी, घोला में बेनामी पट्टे जो हाईकोर्ट स्टे से चल रहे हैं उन्हें खारिज कराकर जमीन वितरण करने, बाढ़ प्रभावित और सूखे का सही ढंग से सर्वे कराने आदि मांग की गई हैं। चेतावनी दी गई है कि मांग पूरी न हुई तो आंदोलन किया जाएगा।