लखीमपुर खीरी। दिवाली प्रकाश का पर्व है। इसका सभी को पूरे साल इंतजार रहता है। इसदिन लोग घर आंगन को रोशनकर जमकर आतिशबाजी करते हैं। मगर, इस बार बढ़ते प्रदूषण को देेखते हुए दिवाली पर स्थिति और भी गंभीर होने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को जागरूक होने की जरूरत है, क्योंकि दिवाली प्रकाश का त्योहार है। इसलिए दीपक जलाकर घर आंगन को रोशन करना चाहिए, न कि आतिशबाजी करके पर्यावरण को प्रदूषित। हालांकि पर्यावरण हो या फिर सेहत आतिशबाजी सभी के लिए नुकसानदेह है। जरा सी चूक जानलेवा तक बन जाती है। इसलिए त्योहार पर दीपक जलाकर धरा को रोशन करें।
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पटाखों का धुआं पर्यावरण के साथ सेहत के लिए भी नुकसान देह है। इससे सांस संबंधी बीमारियों होने की आशंका बढ़ जाती है। इससे सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। इसलिए आतिशबाजी से दूर रहना चाहिए।
-डॉ. आईके राम चंदानी, छाती रोग विशेषज्ञ
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प्रदूषण को लेकर सचेत रहने की जरूरत है। दिवाली तक गर्भवती महिलाएं अपना विशेष ध्यान रखें। घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर लगाए। इससे कोरोना और प्रदूषण से बचाव होगा।
-डॉ.मीनाक्षी चौधरी, महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
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बच्चों से लेकर बड़ों तक वायु प्रदूषण बेहद नुकसानदायक है। त्योहार प्रकाश का है इसलिए सभी लोग दिये जलाकर इसे मनाएं। आतिशबाजी से वायु की गुणवत्ता खराब होती है जो सेहत को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
-डॉ. सुषमा सिंह, सर्जन