लखीमपुर खीरी। कोरोना काल में भी जिले में संक्रामक रोगों ने पांव पसार लिए। इसकी गवाही सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे बुखार पीड़ित हैं। यह स्थिति तब है जब सेहत महकमा संक्रामक रोगों की रोकथाम को लेकर अक्तूबर माह को संचारी रोग नियंत्रण अभियान के रूप में मना चुका है। इसके बावजूद संक्रामक रोग पांव पसार रहे हैं। अब तक जिले में डेंगू के डंक से 14 लोग बीमार मिले हैं। इसमें सबसे ज्यादा मरीज आठ अक्तूबर में मिले हैं। वहीं 19 लोग मलेरिया पीड़ित मिले हैं।
कोरोना संक्रमण काल में डेंगू और मलेरिया ने भी पांव पसार लिए हैं। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में रोजाना बुखार पीड़ित मरीज उमड़ रहे हैं। यह हालत तब तक जब मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए अक्तूबर में एक माह का अभियान चलाकर स्वास्थ्य महकमे ने लाखों रुपये खर्च कर दिए। इसके बावजूद सेहत महकमा संक्रामक रोगों को पनपने से नहीं रोक पाया। इसी का परिणाम रहा कि धौरहरा, संसारपुर सहित सिकंद्राबाद कस्बे में आठ लोगों की बुखार से मौत हो गई। हालांकि इनमें से चार को डेंगू होना बताया गया था। जबकि इन तीनों कस्बों में सौ से अधिक लोग बीमार हैं।
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मलेरिया-67
डेंगू-14
चिकिनगुनिया- एक
जापानी इंसेफ्लाइटिस-तीन
एक्यूट इंसेफ्लाइटिस-17
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संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए सभी पैथोलॉजी संचालकों को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। मलेरिया विभाग के समस्त स्टाफ के नंबर सार्वजनिक कर दिए गए हैं। इस पर लोग सूचना दे सकते हैं। जानकारी मिलने पर फागिंग और एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जाएगा।
-एबी सिंह प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी