गतवर्ष रामलीला में हुई आतिशबाजी प्रतियोगिता का फाइल फोटा
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लखीमपुर खीरी। प्रकाश पर्व दिवाली करीब आ रहा है। इसको लेकर पटाखा कारोबार करने वालों ने भी जोर शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। करीब सात माह से मंदी की मार से बेहाल पटाखा व्यापारियों को इस दिवाली अच्छी बिक्री होने की उम्मीद हैं। दुकानदारों का कहना है कि भले ही कोरोनाकाल हो, लेकिन लोग त्योहार तो मनाएंगे ही। ऐसे में संभावना है कि दिवाली पर कम से कम एक करोड़ के पटाखे तो फूटेंगे ही, ऐसे में पहले से खराब जिले की आबोहवा और प्रदूषित हो जाएगी।
इधर, पिछले कुछ दिनों से जिले में हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। इसका कारण हाईवे निर्माण के दौरान कार्यदायी संस्था की ओर से मानकों की अनदेखी करने के साथ गन्ना कोल्हू, खांडसारी इकाइयों, ईंट भठ्ठों और धान मिलों की धुआं उगल रही चिमनियां हैं। इससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में दिवाली पर पटाखे हवा में और जहर घोलने का काम करेंगे। दिवाली को लेकर जिले के पटाखा करोबारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर साल जिला मुख्यालय सहित तहसील, ब्लॉक मुख्यालय, कस्बे में सैकड़ो पटाखा दुकानें सजती थी। पिछले साल शहर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान पर भी करीब 116 दुकानें लगी थी। इस बार इससे अधिक दुकानें लगने की उम्मीद है, क्योंकि करीब आ रहे त्योहार को देखते हुए आतिशबाजी का कारोबार करने वालों ने माल मांगना शुरू कर दिया है। ऐसे में दिवाली पर पटाखा फूटने से जिले की आबोहवा खराब होना लाजिमी है।
दिवाली को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले सात माह से तो कारोबार ठप था। अब दिवाली से उम्मीद है। फिलहाल त्योहार में अभी 15 दिन हैं। देखिए शासन की क्या गाइड लाइन रहती है।
- राजू भाई पटाखा वाले
आतिशबाजी से दिवाली के दूसरे दिन वैसे ही हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है। हालांकि इस बार तो अभी से हवा में प्रदूषण बढ़ रहा है। इसलिए बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है।
- डॉ.आईके राम चंदानी, चेस्ट फिजीशियन