लखीमपुर खीरी। सलेमपुर कोन में कोतवाली पुलिस ने जुआरियों के दो ठिकानों पर दबिश देते हुए 16 आरोपियों को रंगे हाथोंं पकड़ा था। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने खेल करते हुए करीब ढाई लाख रुपये की ही बरामदगी दिखाई थी। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने फड़ से करीब नौ लाख रुपये बरामद किए थे। खुलासा हुआ तो कोतवाली पुलिस आरोपियों से मिलकर उन्हें धमकाने लगी। पुलिस पक्ष में बयान न देने पर गैंगस्टर और मकान सील करने की धमकी दे रही है।
बीती दो नवंबर को शहर के दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी करते हुए पुलिस ने 16 लोगों के पास से ढाई लाख रुपये बरामद होने का दावा किया था। हकीकत में फड़ और जामा तलाशी के दौरान करीब नौ लाख रुपये बरामद होने की बात कही जा रही है। नाम न छापने की शर्त पर पकड़े गए एक आरोपी ने बताया कि पुलिस ने जुए में बड़ा खेल करते हुए लाखों की रकम डकार ली गई है, वहीं जमानत के नाम पर भी 16 लोगों से 60 हजार रुपये अलग से वसूले गए हैं। खबर अखबार की सुर्खियां बनी तो अधिकारियों की नींद टूटी।
बताया जा रहा है कि एसपी गणेश प्रसाद साहा ने कोतवाली पुलिस की लताड़ लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी दी तो कोतवाली पुलिस आरोपियों की चौखट पर मिन्नतें करने पहुंच गई। कोतवाली पुलिस के सिपाही आरोपियों को अपने पक्ष में बयान न देने पर घर को सील करने और गैंगस्टर के तहत जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। इस बात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कोतवाली के सिपाही आरोपियों से बातचीत करते हुए देखे जा रहे हैं।
सिपाहियों पर रुपये छीनने का आरोप
नाम न छापने की शर्त पर एक अन्य आरोपी ने बताया कि फड़ और जामा तलाशी के दौरान जो रकम बरामद हुई थी, उसमें से कुछ रकम तो पुलिस ने दिखाई। वहीं करीब तीन लाख रुपये कोतवाली के एक सिपाही ने नौरंगाबाद चौराहे पर छीन लिए और मुकदमे में उनकी संलिप्तता न दिखाने की बात कही थी। एकाध दिन में सभी पीड़ित एसपी को शपथ पत्र के साथ पेश होने और आरोपी पुलिस पर कार्रवाई करने की मांग कर सकते हैं।
सिपाही एक वकील से मिलने के लिए गए थे। इसी दौरान एक आरोपी भी आकर खड़ा हो गया था। सिपाही और वकील से वार्ता हुई है। दोनों ने इस तरह की कोई बात न कहने की बात कही है।- अंबर सिंह, कोतवाली प्रभारी