लखीमपुर खीरी। मथना गांव निवासी 65 वर्षीय शिवसागर वर्मा की हत्या के मामले में पुलिस के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर हत्याकांड का खुलासा कर हमलावरों तक पहुंचना है, वहीं दूसरी ओर 19 जनवरी 2026 को उनके भतीजे सुनील पर हुए जानलेवा हमले का खुलासा न होने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पहले की घटना का खुलासा किया होता तो शायद शिवसागर की हत्या नहीं होती। शिवसागर की हत्या के मामले में पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। रविवार को आई पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के अनुसार, शिवसागर की गर्दन, पेट, पीठ और सीने पर कई वार किए गए थे। इससे एक से अधिक हमलावरों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमाॅर्टम किया और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
रविवार दोपहर आईजी लखनऊ रेंज एस. किरण खीरी पहुंचे। उन्होंने पुलिस लाइन में एसएसपी, एएसपी और सीओ के साथ बैठक कर हत्याकांड की जांच की प्रगति जानी। आईजी ने अधिकारियों को जल्द घटना का खुलासा करने और आरोपियों को जेल भेजने के निर्देश दिए। संवाद