डिजिटल इंडिया का सपना देखा जा रहा है, लेकिन जिला प्रशासन की मुख्य साइट तक सालों से अपडेट नहीं हुई है। आलम यह है कि एसपी अरविंद सेन का तबादला 15 दिन पहले हुआ था और तभी से नए एसपी अखिलेश कुमार चौरसिया जिले के एसपी हैं, लेकिन जिले की साइट पर आज भी अरविंद सेन ही बतौर पुलिस अधीक्षक नजर आ रहे हैं। इसी तरह लोहिया गांव, विधायक निधि, जिला अस्पताल की मेडिसिन डिटेल सहित तमाम डेटा दो वर्ष पुराने अपलोड हैं तो जिले की नौ चीनी मिलों के बजाय बजाज ग्रुप की सिर्फ दो चीनी मिलों को ही दर्शाया गया है। सहकारी चीनी मिलों और बलरामपुर ग्रुप की दो-दो चीनी मिल होने के बाद भी उन्हें न दर्शाए जाने से यह साइट आधी अधूरी नजर आती है।
आपको जिले के बारे में कोई भी जानकारी करनी हो तो इसके लिए एनआईसी की साइट बनाई गई है। इसे इंटरनेट के जरिए गूगल में जाकर एनआईसी डॉट खीरी डॉट इन पर जाकर देखा जा सकता है, लेकिन इसके जिम्मेदारों ने शायद इसे अपडेट करने की जरूरत ही नहीं समझी। यही वजह है इस पर जहां आधी अधूरी जानकारियां मिल रही हैं, वहीं पुराने अधिकारियों के नाम न बदले जाने से इस साइट की जानकारियों पर सवाल खड़े हो जाते हैं। आलम यह है कि जिले में 1167 ग्राम पंचायतें हो गई हैं, लेकिन 995 ही बताईं गई हैं। वहीं जिले में नौ चीनी मिलें हैं, जिसमें तीन बजाज ग्रुप की, दो बलरामपुर ग्रुप की, दो सहकारी चीनी मिलें, जबकि बिड़ला और श्रीराम ग्रुप की एक-एक चीनी मिल है, किंतु इंडस्ट्रियल में सिर्फ बजाज चीनी मिल गोला और पलिया ही दर्शाई गई हैं। इसी तरह साइट पर विधायक निधि वर्ष 2012-13 के बाद अपडेट तक नहीं की गई। लोहिया गांव डिजिटल डायरी भी 2012-13 की बाद अपडेट नहीं की गई तो जिला अस्पताल की मेडिसिन डिटेल भी 2012-13 के बाद अपडेट नहीं की गई है।
वेबसाइट पर यह हैं जानकारियां
- जिले के ऐतिहासिक, धार्मिक स्थल
-वर्ष 1904 से अब तक तैनात रहे डीएम और एडीएम
-टेंडर संबंधी सूचनाएं
-प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा संबंधी जानकारियां
-जिले का संपूर्ण विवरण मसलन थाना, ब्लाक, तहसील आदि
-स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां
-राशन कार्ड संबंधी जानकारियां
-जिले में दी गई छात्रवृत्ति, पेंशन आदि